सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 23 मार्च। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सरगुजा जिले को क्षय मुक्त बनाने की दिशा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी एस सिसोदिया के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समस्त क्षय रोग मरीजों का डॉटा बेस तैयार किया जा रहा है, शिक्षण संस्थान में शिक्षकों- छात्रों को क्षय रोग को जानकारी दी जा रही है, जिससे क्षय रोग से संबंधित सही जानकारी जन-जन तक पहुंच सके।
आईसीएमआर संस्था दिल्ली पिरामल हेल्थ केयर, संगवारी समाज सेवी संगठन के द्वारा सक्रिय रूप से बीमारी की पहचान व चिन्हित मरीजों का निदान हेतु कार्य किया रहा है। 2021-22 में आज तक टीबी के 1341 मरीज पाये गये, इन सभी मरीजों का उपचार डॉट्स पद्धति से किया जा रहा है, पोषण आहार योजना के तहत मरीज के खाते से बीस लाख बत्तीस हजार पाँच सौ रुपये राशि दी गई। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंहदेव की विशेष पहल पर आदिवासी विकास परियोजना के तहत आदिवासी मरीजों को चौदह लाख से ज्यादा राशि दी गई। वर्तमान में सरगुजा में 33 केन्द्र हैं, जहां क्षय कीटाणु की पहचान माइक्रोस्कोप जाँच के माध्यम से किया जाता है। यह सुविधा प्रत्येक विकासखण्ड वार स्वा केन्द्र में उपलब्ध है। चार विकासखण्ड भफोली, सीतापुर, उदयपुर, धौरपुर में ट्रू नॉट की सुविधा उपलब्ध है।
एक्स्ट्रा पल्मोनरी क्षय रोग में रोग की पुष्टि के लिए सीबी नॉट की सुविधा जिला क्षय उन्मूलन केन्द्र अंबिकापुर में उपलब्ध है।
विश्व पोषण आहार के अन्तर्गत प्रत्येक क्षय मरीज को 3000-9000 की राशि प्रदान की जाती है, क्षय रोग की दवाई खिलाने वाले को 1000-5000 राशि दी जाती है, यह सभी राशि खाते के माध्यम से प्रदान किया जाता है।
कलेक्टर संजीव कुमार झा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक लंगेह द्वारा क्षय रोग नियंत्रण से संबंधित कार्यक्रम की समीक्षा 03 महिने में 01 बार की जाती है क्षय रोग का निदान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, के विभागाध्यक्ष डॉ. रोशन लाल वर्मा की देखरेख में किया जा रहा है। क्षय रोग की बीमारी में, अधिकाशत: फेफडे प्रभावित होते हैं, कोरोनाकाल में कोरोना संक्रमण से फेफड़े प्रभावित हुये हैं। क्षय रोग के मरीजों में लगभग 20 प्रतिशत का ईजाफा हुआ है।
क्षय रोग से संबंधित जांच व इलाज पूर्णत नि:शुल्क - डॉ. गुप्ता
जिला क्षय अधिकारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि क्षय रोग से संबंधित जाँच व इलाज पूर्णत नि:शुल्क है एवं शासकीय अस्पतालों में उपलब्ध है, क्षय बीमारी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है। दो सप्ताह से ज्यादा खाँसी होना, खाँसी में खून आना, श्वांस फूलना, वजन कम होना, पेट व छाती में पानी भरना, लंबे समय तक पेट में दर्द को होना लंबे समय तक घाव कान सूखना की हड्डी से विरूपता, झटके की बीमारी, नपुंसकता क्षय रोग का लक्षण हो सकता है।


