सरगुजा

डीजल-पेट्रोल की बोगस खपत, अपर कलेक्टर की अग्रिम जमानत खारिज
14-Mar-2022 5:04 PM
डीजल-पेट्रोल की बोगस खपत,  अपर कलेक्टर की अग्रिम जमानत खारिज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 14 मार्च।
डीजल पेट्रोल की बोगस खपत दर्शाकर लाखों रुपए की हेराफेरी करने के आरोपी अपर कलेक्टर वीके धुर्वे की अंग्रिम जमानत खारिज कर दी गई।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार ध्रुर्वे ने प्रोटोकाल विभाग (सत्कार शाखा) जिला कार्यालय अम्बिकापुर पोस्टिग के दौरान यह गड़बड़ की थी। उन पर आरोप है कि वाहनों का उपयोग आवश्यकता से अधिक दर्शाकर डीजल पेट्रोल की राशि एवं फर्जी वाहनों का नंबर देकर शासन की राशि का घोटाला करने के मामले में तत्कालीन अपर कलेक्टर वी के धुर्वे जिसने 4 मार्च को अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, अधिवक्ता डीके सोनी के आपत्ति के बाद नीलिमा सिंह बघेल विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अम्बिकापुर, सरगुजा के द्वारा निरस्त कर दिया गया है।

अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक ने जमानत आवेदन का विरोध किया।अभिलेख में संलग्न एफ.आई.आर. के अनुसार शिकायतकर्ता दिनेश कुमार सोनी, अधिवक्ता द्वारा यह शिकायत प्रस्तुत की गई कि प्रोटोकाल विभाग (सत्कार शाखा) जिला कार्यालय अम्बिकापुर के द्वारा करोड़ों रूपयों की हेरा-फेरी करने एवं वाहनों का उपयोग आवश्यकता से अधिक दर्शाकर डीजल पेट्रोल की राशि एवं फर्जी वाहनों का नंबर देकर शासन की राशि का घोटाला एवं फर्जीवाड़ा किया गया है, इस आवेदन को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर में शिकायत पंजीबद्ध किया जाकर ब्यूरो के पत्र क्रमांक / अपराध / शिकायत - 24 (10) / 712 रायपुर दिनांक 10 मई 2012 के माध्यम से आयुक्त सरगुजा संभाव अंबिकापुर को मूलत: शिकायत संलग्न कर जांच हेतु भेजा गया था, कार्यालय आयुक्त सरगुजा संभाग सरगुजा अंबिकापुर से जांच पश्चात पत्र क्रमांक - 871 / विकास / शिकायत / 2012 अंबिकापुर गत 11 जून 2012 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ,जांच प्रतिवेदन के अवलोकन पश्चात् थाना राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण / एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर में अपराध क्रमांक - 33 / 2012 पंजीबद्ध किया गया है। विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र अंतर्गत धारा 13 (1) (सी), (डी), 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं 120 (बी), 420, 409, 467, भादं संहिता प्रस्तुत किया गया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो, अम्बिकापुर के जमानत विरोध प्रतिवेदन एवं अभिलेख के अवलोकन से प्रथम दृष्ट्या यह दर्शित होता है कि सरगुजा जिले के प्रोटोकाल विभाग में आवेदक / अभियुक्त द्वारा अन्य सह अभियुक्तगण के साथ मिलकर अत्यधिक राशि की हेरा-फेरी, वाहनों का उपयोग आवश्यकता से अधिक दर्शाकर डीजल-पेट्रोल की राशि की हेराफेरी एवं फर्जी वाहनों का नंबर देकर शासन की राशि का घोटाला एवं फर्जीवाड़ा किया गया है जो कि आर्थिक अपराध होने से अत्यधिक गंभीर है। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा विवेचना के दौरान प्रकरण की विधिवत् जांच उपरान्त दस्तावेज तैयार कर तथा कुछ आवेदकगण / अभियुक्तगण को फरार बताते हुए उनकी फरारी में चालान पेश किया गया है

जहां तक वर्तमान आवेदक / अभियुक्त व्ही0के0 धुर्वे का प्रश्न है, इनके संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन में यह लेख है कि आरोपी व्ही0के0 धुर्वे तत्कालीन अपर कलेक्टर / प्रभारी सत्कार शाखा एवं प्रभारी वित्त शाखा जिला कार्यालय अम्बिकापुर के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति आदेश प्राप्त करने हेतु केन्द्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजा गया है तथा अभियोजन स्वीकृति आदेश आते ही पृथक से पूरक चालान तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जावेगा।
इस जमानत आवेदन के साथ प्रस्तुत विभागीय जांच के दस्तावेजों के अवलोकन से जिसमें दिनांक 26 जुलाई 2021 के सचिव, छग शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अवलोकन से आवेदक व्ही0के0धुर्वे द्वारा सत्कार शाखा में व्हीआईपी दौरे के समय वाहनों के अधिग्रहण के संबंध में आर्थिक अनियमितताएं करना पाया गया, ऐसा लेख किया गया है तथा आवेदक के संबंध में कुछ आरोप प्रमाणित एवं कुछ अंशत: प्रमाणित हैं, ऐसा भी लेख किया गया है और उक्त विभागीय जांच प्रतिवेदन में उन्हें वेतन वृद्धि अर्जित नहीं करने की विभागीय शास्ति भी दी गई है, इस प्रकार इन दस्तावेजों के प्रथम दृष्ट्या अवलोकन से ही आवेदक व्ही0के0 धुर्वे की अपराध में संलिप्तता प्रथम दृष्ट्या दर्शित है, अन्य समस्त बातें अभियोजन स्वीकृति प्राप्ति के पर तथा उनके विरूद्ध पूरक चालान प्रस्तुत किये जाने के उपरान्त ही सामने आवेंगी जो कि निश्चित रूप से साक्ष्य की विषयवस्तु हैं।

धारा 438 दंप्रसं के अंतर्गत प्रयोग की जाने वाली शक्ति असाधारण प्रकृति की है और उसका प्रयोग अपवाद जनक मामलों में किया जाना चाहिए। प्रस्तुत प्रकरण में ऐसी कोई अपवाद जनक परिस्थिति नहीं है जिससे आवेदक / अभियुक्त को धारा 438 दं0प्र0संहिता के तहत् अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाये, अत: प्रकरण के समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए आवेदक/अभियुक्त विजय कुमार धुर्वे की ओर से प्रस्तुत यह अग्रिम जमानत आवेदन अंतर्गत धारा 438 दं. प्र. सं. निरस्त किया जाता है।
 


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