सरगुजा

एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता थीम के साथ मना महिला दिवस
10-Mar-2022 9:49 PM
एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता थीम के साथ मना महिला दिवस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,10 मार्च।
अदाणी फाउंडेशन द्वारा ‘एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता’ की सोच के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। उदयपुर विकासखंड के ग्राम साल्ही में स्थित अदाणी कौशल विकास केंद्र में आयोजित किये गए इस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आर आर वी यू एन एल) के परसा ईस्ट केते बासेन (पी ई के बी) कोयला खदान के आसपास के 14 ग्रामों की स्व-सहायता समूहों तथा महिला उद्यमी बहुउद्देशीय सहकारी समिति (मब्स) सहित लगभग 250 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड (ए ई एल) के सरगुजा क्लस्टर हेड मनोज कुमार साही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। इसके साथ ए ई एल के ही अमित तिवारी - हेड फाइनेंस, विजय जैन-जीएम प्रोजेक्ट और मुनीश सूद - हेड सिविल भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य पी ई के बी के आसपास के ग्रामों की ऐसी सशक्त महिलाओं को प्रोत्साहित करना है, जिन्होंने महिलाओं की सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक उपलब्धियों के साथ लैंगिक समानता और महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुव्र्यवहार जैसे मुद्दों के खिलाफ साहस दिखाते हुए सफलता का परचम लहराया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री साही ने अदानी फाउंडेशन के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं के उत्थान और उनके सशक्तिकरण के लिए मब्स द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। समारोह के दौरान महिलाओं द्वारा उनके सामाजिक व आर्थिक विकास की यात्रा को साझा करते हुए कई मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन स्वसहायता समूहों की महिलाओं तथा मब्स की अध्यक्ष वेदमती उइके, उपाध्यक्ष अमिता सिंह तथा सदस्य बंधन पोर्ते और वीना देवी देवांगन द्वारा किया गया।

उल्लेखनीय है कि आरआरवीयूएनएल के निगमित सामाजिक सरोकारों के तहत अदाणी फाउंडेशन पी ई के बी के आसपास के 14 ग्रामों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,  स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और अधोसंरचना विकास के विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है। इसी तारतम्य में मब्स के अंतर्गत ये महिलाएँ अपने तथा अपने परिवार के जीविकोपार्जन के लिए कई तरह की गतिविधियों में सम्मिलित होकर आय अर्जन कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहीं है। वहीं दूसरी तरफ इन महिलाओं का समूह ग्राम स्वच्छता के लिए स्वच्छ ग्राम स्वस्थ ग्राम अभियान को चला कर ग्रामीणों को स्वच्छ रखने के फायदों से अवगत कराता रहता है, जिससे ग्रामों में महिला सशक्तिकरण से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।


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