सरगुजा
अंबिकापुर, 7 फरवरी। सामाजिक कार्यकर्ता व नंगे पांव सत्याग्रह के संयोजक राजेश सिंह सिसोदिया ने यूक्रेन व अन्य देशों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर अभिवावकों द्वारा सरकारों को दोषी ठहराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए, नव धनाढ्य अभिवावकों को दोषी ठहराया है। ज्ञात हो कि अनेक नव धनाढ्य अभिवावक जो शासकीय सेवा में हैं ने अपने बच्चों को विदेश भेजने हेतु सरकार जो उनका नियोक्ता है से कोई अनुमति नहीं ली है। ऐसा करके इन लोगों ने न केवल सरकारों को धोखे में रखा है बल्कि अपने बच्चों को भी धोखे में रखकर विदेशों में भेजा है।
जब सरकारों (केंद्र व राज्य सरकार) के पास ऐसे छात्रों का कोई अभिलेख ही नहीं है, तो उन पर जिम्मेदारी कैसी? यूक्रेन में मृत छात्र नवीन को सामाजिक संवाद माध्यमों में ऐसे दर्शाया जा रहा है कि वो देश की खातिर शहीद हो गया है, और सरकारों ने कुछ नहीं किया। ऐसे प्रचार भ्रामक, मिथ्या, तथ्यहीन व शरारतपूर्ण हैं।
ऐसे प्रचारों में सरकारों के ऊपर दोषारोपण देशद्रोह की श्रेणी में आता है।नंगे पांव सत्याग्रह द्वारा सरकारों से अभिवावकों द्वारा ली गई अनुमति की जांच व वैधानिक अनुमति तथा आर्थिक सक्षमता नहीं होने पर अभिवावकों के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज करने की मांग की गई है।


