सरगुजा

महिला दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्था में जागरूकता कार्यक्रम
07-Mar-2022 9:04 PM
महिला दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्था में जागरूकता कार्यक्रम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 7 मार्च।
हर वर्ग के महिलाओं के सर्वागींण विकास हेतु, आध्यात्मिक मूल्यों को जागृत करने, दिव्य संस्कारों से सुसंस्कारित बनाने वाली, विश्वव्यापी, विश्वप्रसिद्ध एकमात्र ब्रह्माकुमारी संस्था 137 देशों में विशाल संख्या में महिला शक्ति द्वारा कुशलता पूर्वक संचालित किया जा रहा हैं। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर एवं 75 वें आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर अन्तर्गत अभियान के तहत कार्यक्रम में नव विश्व भवन चोपड़ापारा में भारी संख्या में बढ़- चढक़र महिलाओं ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नव विश्व भवन चोपड़ापारा में महिलायें- नये भारत की ध्वजवाहक विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बहन दत्ता वसुधा महिला मंच की जिला संयोजिका,सावित्री जायसवाल,पूर्व पार्षद,ममता अग्रवाल जी महिला पतंजलि योग समिति की अध्यक्ष, बहन मीरा साहू जी शिशु मन्दिर प्राचार्या, बहन बानी मुखर्जी जी केन्द्रीय जेल अम्बिकापुर कल्याण अधिकारी (छग), बहन अलिसा किस्पोट्टा जी बाल विकास परियोजना अधिकारी अम्बिकापुर, बहन संध्या रवानी जी अध्यक्ष महिला कांग्रेस, बहन दीक्षा अग्रवाल जी सरगुजा विश्व विद्यालय प्रथम छात्र संघ अध्यक्ष, प्रदेश कन्या शक्ति संयोजिका भारतीय जनता युवा मोर्चा एवं सरगुजा संभाग की सेवा केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने द्वीप प्रज्जवलित कर किया।

घर परिवार की रौनक बेटियाँ ही होती हैं परन्तु ऐसी बेटियों को संसार में आने से पहले ही उन्हें गर्भ में मार दिया जाता हैं इस बात का एहसास दिलाने के लिये शताक्षी वर्मा ने ओ रे चिरईयाँ, नन्हीं सी चिडिय़ा गीत प्रस्तुत कर पूरी सभा को भावपूर्ण कर दिया।

इस मौके पर नारी शक्ति को और शक्तिशाली बनाने उनके अन्दर की छिपी हुई प्रतिभा और उनके असली स्वरूप से जगाने के लिये कुमारी मान्या सिंह बघेल और बहन प्रज्ञा श्रीवास्तव ने नृत्य प्रस्तुत किया।

नारी माता हैं, दुर्गा हैं, काली हैं, और संतोषी देवी भी हैं। नारी शक्ति भगवान की बहुत सुन्दर और अद्भुत रचना हैं, नारी शक्ति एक महान शक्ति हैं वो भले ही कोमल हैं, भावनात्मक हैं परन्तु कमजोर नहीं हैं, गुणवान हैं आज भी 18 घण्टे लगातार काम करती हैं, पुरूषों के साथ कन्धे- कन्धे से मिलाकर कार्य कर रही हैं इन्हीं खुबियों, विशेषताओं को देखकर स्वयं भगवान ने नारी शक्ति को आगे बढ़ाया और उनके सिर पर ज्ञान का कलश रखा। यदि नारी शक्ति ज्ञान का अलख जन- जन तक पहुँचाने का बीड़ा उठा ले तो भारत भूमि बहुत ही जल्दी स्वर्ग बन जायेगा उक्त विचार सरगुजा संभाग की सेवाकेन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी ने नारी शक्ति को उत्साहवर्द्धक करते हुये कहा भारत देश के अनेक आदर्श माँ का कहानी बताते हुये कहा कि हमारे देश में ऐसी वीरगंनायें, त्यागी- तपस्वी माँ थी जिन्होंनें अपने बच्चों को सिर्फ बाह्य रूप से ही ताकतवार नहीं बनाया बल्कि उन्होंने ऐसा ज्ञान का पाठ पढ़ाया जिससे वो आन्तरिक एवं मानसिक रूप से भी संस्कारवान, आत्मनिर्भर, गुणवान, देषभक्त तथा सम्बल बनाया।


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