सरगुजा
कहा- हड़पने वाले फर्जी एफआईआर कराने दे रहे धमकी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 2 मार्च। बलरामपुर जिला मुख्यालय के समीप बडक़ीमहरी डूमरखी के दो आदिवासी ग्रामीणों ने उनकी सेटलमेंट तथा कब्जे की भूमि हड़पने की शिकायत सरगुजा कमिश्नर से की है।
कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीणों ने कहा कि उनकी जमीन को जल संसाधन विभाग के एक बड़े अधिकारी, स्थानीय नेता एवं सामान्य वर्ग के लोगों ने हड़पने की कोशिश में लगे हैं। दोनों आदिवासी ग्रामीणों ने उक्त लोगों पर फर्जी एफआईआर की धमकी देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कमिश्नर से निष्पक्ष जांच करा कर जमीन हड़पने वालों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम बडक़ीमहरी डूमरखी के देवा राम कोड़ाकू तथा कामेश्वर राम ने 2 मार्च को सरगुजा कमिश्नर कार्यालय पहुंच आवेदकों ने सरगुजा कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए अवगत कराया कि गरीब आदिवासी की सेटलमेंट तथा कब्जे की भूमि हड़पने की कोशिश की जा रही है।
देवा आत्मज रत्ना एवं कामेश्वर आत्मज रामदेव ने आरोप लगाते हुए बताया कि सरगुजा सेटलमेंट की भूमि पुराना खसरा नंबर 34, 35, 36, 37 कुल रकबा 2.09 हेक्टेयर एवं कब्जा शासकीय भूमि खसरा नंबर 30/1 रकबा लगभग 1.20 हेक्टेयर भूमि स्थित ग्राम बडक़ीमहरी डूमरखी जिसका संयुक्त रूप से नवीन खसरा नंबर 337,339, 340, 341 और 342 रकबा 2.00 हेक्टेयर भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 343 पर स्थित है। जिसे सामान्य वर्ग के राम देनी मार निवासी टांगरमहरी द्वारा छलकपट पूर्वक कब्जा कर अपने मातहत अजजा वर्ग के मुनिया वगैरा निवासी बडक़ीमहरी के नाम दर्ज करा दिया गया था। जो वर्ष 1994-1995 के बंदोबस्त में अधिकार अभिलेख अंकित है।
जहां 1996-97 में सामान्य जाति के रामदेनी मार के विरुद्ध न्यायालय रामानुजगंज के समक्ष भूमि वापसी प्रकरण दर्ज किया गया है।
इस भूखंडों का बी1 खसरा नीरज वगैरह जाति कोरवा निवासी ग्राम दहेजवार के नाम से दर्ज है। जिसको अपने विश्वास में लेकर शांति राम पति उमाशंकर राम ग्राम कमारी शंकरगढ़ के द्वारा विधि विरुद्ध पंजीकृत विक्रय नामा उप पंजीयक अंबिकापुर के समक्ष 19 फरवरी 2020 को अपने पक्ष में निष्पादित करा लिया गया है।
आरोप है कि क्रेता शांति राम के पति अभियंता जल संसाधन विभाग रामानुजगंज के रूप में पदस्थ है तथा वह भूमि अपने परिवार के सदस्य रूप में अर्जित करने में संलग्न है, जिसमें स्थानीय नेता भी इनका सहयोग करने में लगे हुए है।
आवेदकों ने सरगुजा कमिश्नर को अवगत कराते हुए बताया कि उक्त भूमि को विधि विरुद्ध विक्रय की जानकारी हम दोनों को तब हुई, जब न्यायालय तहसीलदार बलरामपुर के न्यायालय में वाद भूमि का नामांतरण शांति राम के पक्ष में किए जाने हेतु इश्तिहार का प्रकाशन किया गया था। जानकारी लगने के बाद आवेदकों ने नामांतरण पर आपत्ति प्रस्तुत कर शिकायत की, जिसमें न्यायालय तहसीलदार बलरामपुर के द्वारा अपने आदेश 28 जनवरी के अनुसार निरस्त कर दिया गया।
आवेदकों ने कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच करने एवं गरीबों के हक दिलाने की बात कही है। उन्होंने उमाशंकर राम पर आरोप लगाया है कि आवेदकगणों के समर्थकों को धमकी देते हुए झूठा एफ आई आर दर्ज कराने की कोशिश की जा रही है। वहीं कलेक्टर बलरामपुर ने आवेदकों को निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है तथा खुदाई कार्य व निर्माण कार्य नहीं कराने की चेतावनी दी है।
सरगुजा कमिश्नर ने आवेदकों को आश्वासन देते हुए निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।


