सरगुजा
हाथी प्रभावित गांव में पहुंचे डीएफओ, कहा- 10 दिनों के अंदर मिलेगा मुआवजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 2 जनवरी। नगर सीमा से सटे ग्राम पंचायत लूर्गी में 5 घंटे में दो हाथियों के द्वारा मचाए गए उत्पात से 7 घर क्षतिग्रस्त हो गए। हाथियों के उत्पात की खबर पर जायजा लेने डीएफओ लक्ष्मण सिंह मौके पर पहुंचे थे। डीएफओ के निर्देश के बाद आज वन विभाग की टीम मुआवजा वितरण के लिए क्षति का आकलन करने के लिए पहुंची। इस दौरान गांव के सरपंच मंजू सिंह एवं सचिव दिनेश ठाकुर भी उपस्थित रहे। डीएफओ ने कहा कि 10 दिन के अंदर सभी को मुआवजा का वितरण कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि शुक्रवार की रात में करीब 1 बजे दो हाथी ग्राम लुर्गी पहुंचे जिनके द्वारा सबसे पहले चंद्रदेव के घर में रखें धान को खाने के लिए घर को तोड़ दिया। जिसके बाद गांव के छह अन्य घरों को नुकसान पहुंचाया था। हाथी के द्वारा उन्हीं घरों को नुकसान पहुंचाया गया, जिन घरों में धान या अन्य राशन रखे हुए थे। रात में करीब 1 बजे हाथी आए थे जो सुबह 5 बजे के करीब गांव से गए तब तक पूरा मोहल्ला डरा सहमा रहा। घटना के बाद डीएफओ लक्ष्मण सिंह हाथी प्रभावित घरों का निरीक्षण करने पहुंचे। डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग की टीम मुआवजा वितरण के लिए क्षति का आकलन करने पहुंची डीएफओ ने कहा कि 10 दिनों के अंदर मुआवजा का वितरण कर दिया जाएगा। क्षति का आकलन करने वनपाल जोगेश्वर राम एवं शांति प्रकाश लाकड़ा सहित वन अमला पहुंचा।
पंचायत हाथी से प्रभावित परिवारों को राशन दिया
हाथी के द्वारा जिन सात घरों को नुकसान पहुंचाया गया है वे अत्यंत गरीब है। हाथी के द्वारा नुकसान पहुंचाने के बाद घरों में चूल्हे नहीं जले थे, जिसके बाद सरपंच मंजू सिंह एवं सचिव दिनेश ठाकुर के द्वारा सभी 7 घरों में राशन आज पहुंचाया गया। दो हाथी के द्वारा जब दिलदार के घर में रखे राशन को खाने के लिए घर की दीवार तोड़ी जा रह थी, तो इसी दौरान दीवार के दूसरी ओर उसके बेटी दामाद एवं नाती सोए हुए थ,े जो बाल बाल बचे। हाथी के द्वारा घरों को क्षतिग्रस्त कर दिए जाने के हाथी के पुन: आज आने की आशंका के बीच 35 लोगों को पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया है।
सचिव दिनेश ठाकुर ने बताया कि एहतियात के तौर पर 35 लोगों को अस्थाई रूप से पंचायत भवन में शिफ्ट किया गया है। दोनों हाथियों के द्वारा जिन सात घरों को तोड़ा गया सभी घरों के कमरों में राशन रखे हुए थे, जिसे खाने के लिए हाथियों ने दीवाल एवं दरवाजा को तोड़ा। सोमारू का पक्के का मकान प्रधानमंत्री आवास के तहत बना था जिसका दरवाजा लोक था एवं अंदर में राशन रखा हुआ था जिसे हाथी के द्वारा दरवाजा सहित तोड़ दिया गया।


