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अंबिकापुर पहुंचे लेफ्टिनेंट रितेश, सोमिल व रजत का भव्य स्वागत
24-Dec-2021 8:33 PM
अंबिकापुर पहुंचे लेफ्टिनेंट रितेश, सोमिल व रजत का भव्य स्वागत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 24 दिसंबर।
भारतीय सेना के तीनों जांबाज लेफ्टिनेंट का अंबिकापुर के पूर्व एनसीसी छात्र सैनिकों द्वारा गर्मजोशी के साथ होटल राधेश्याम में गरिमामय आयोजन कर अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान तीनों के परिजनों का भी सम्मान किया गया, क्योंकि उनके धैर्य एवं आत्मविश्वास की बदौलत ही यह छात्र भारतीय सेना में जाने के लिए प्रेरित हुए।

ज्ञातव्य है कि अंबिकापुर शहर के 3 छात्रों रितेश तिवारी, सोमिल अग्रवाल एवं रजत सिंह का पूर्व में एनडीए में चयन हुआ था, तत्पश्चात इन्होंने 4 वर्षों का भारतीय सेना का कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया तथा पासिंग आउट होने के पश्चात फिलहाल वे अंबिकापुर में अपने परिजनों के पास मिलने आए हैं। रितेश तिवारी, सोमिल अग्रवाल एवं रजत सिंह का एनसीसी के पूर्व छात्र सैनिकों द्वारा अंबिकापुर शहर में होटल राधेश्याम में सम्मान एवं अभिनंदन किया गया।

रितेश तिवारी के पिता हेमंत तिवारी-माता रूपा तिवारी है। रितेश तिवारी के पिता वकालत अंबिकापुर के जिला न्यायालय में करते हैं। रितेश शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। दूसरे सोमिल अग्रवाल के पिता संजय अग्रवाल माता लक्ष्मी अग्रवाल है। सोमिल के पिता व्यवसाई हैं और वह अंबिकापुर में ही निवास करते हैं।
तीसरे सब लेफ्टिनेंट रजत सिंह के पिता प्रवीण सिंह माता मंजू सिंह हैं। रजत के पिता मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करते हैं तथा वह भी अंबिकापुर में ही निवास करते हैं।

रितेश ने अपने छात्र जीवन में किए गए मेहनत एवं लगन का परिचय देते हुए तैयारी करने के पश्चात सफल होना बताया, उन्होंने 4 वर्षों के कठिन प्रशिक्षण में किस प्रकार की कठिनाइयां या यादगार पल रहे उसको शेयर किया तथा उन्होंने यह भी इंगित किया कि अंबिकापुर के और भी छात्र यदि सही मार्गदर्शन मिले तो वह भारतीय सेना का हिस्सा बन सकते हैं, और उसमें बड़ा पद प्राप्त कर सकते हैं देशभक्ति से ओतप्रोत यह कार्यक्रम में भावुक करने वाला भी क्षण था।

कार्यक्रम में कई बार ऐसे क्षण आए जब छात्रों के परिजन अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने अपने त्यागों को किस प्रकार इस दौरान व्यतीत किया है। इसका उन्होंने जिक्र किया। कार्यक्रम को सोमिल की माताजी लक्ष्मी अग्रवाल ने संबोधित करते हुए अपने उस दौरान के भावनाओं को व्यक्त किया और अपने आंसू नहीं रोक पाई। उन्होंने कहा कि यह खुशी के आंसू हैं।

इसी प्रकार कार्यक्रम को सब लेफ्टिनेंट रजत सिंह ने भी संबोधित किया और अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह हमारा सम्मान नहीं है बल्कि भारत देश के शहीद हुए उन समस्त सैनिकों का सम्मान है बल्कि सम्मान के असली हकदार वही हैं, जिनकी बदौलत हम इस मुकाम पर पहुंचे।

एनसीसी के पूर्व छात्र सैनिकों के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में  देवराज बाबरा ने अपने संबोधन में ओजपूर्ण कविता सुना कर कार्यक्रम में जोश भरा, कार्यक्रम को श्री अजय तिवारी ने भी संबोधित किया। तीनों लेफ्टिनेंट को उनकी तस्वीर लगा हुआ विशेष रूप से बनाया हुआ स्मृति चिन्ह समर्पित किया गया। इस दौरान तालियों की गूंज देखते बन रहे थे सभी ने एक स्वर में भारत माता के जयकारे का उदघोष किया।

इस अवसर पर पूर्व छात्र सैनिक परशुराम सोनी, राजेश बहादुर सिंह दीपक श्रीवास्तव ,राकेश तिवारी, एस के शेषाद्री ,अब्दुल जाकिर, रघु देव नाथ अनिल सिंह, सुनील सिंह प्रणव चक्रवर्ती, जयेश वर्मा, परमानंद तिवारी, बरखा जयसवाल ,राजू पाठक, त्रिभुवन सिंह ,एनसीसी अधिकारी नवनीत त्रिपाठी उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सैयद अख्तर हुसैन ने किया मंच संचालन अभय तिवारी ने किया।


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