सरगुजा

तीन पीढ़ी से काबिज जमीन का फर्जी रूप से पट्टा बनवा लेने का आरोप
23-Dec-2021 7:57 PM
तीन पीढ़ी से काबिज जमीन का फर्जी रूप से पट्टा बनवा लेने का आरोप

डेढ़ दर्जन ग्रामीणों ने एफआईआर दर्ज कराने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज,23 दिसंबर।
रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत हरिहरपुर में रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 2 के एक व्यक्ति पर गांव के डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीणों के द्वारा तीन पीढ़ी से काबिज जमीन फर्जी रूप से पट्टा बनवा लेने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंप फर्जी पट्टा बनाने वाले के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग की है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में उल्लेख किया है कि रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक दो निवासी निजामुद्दीन के द्वारा ग्राम हरिहरपुर में शासकीय भूमि खसरा नंबर 3/ 2, 18/2, 30/ 2 कुल रकबा 4.30 हेक्टेयर भूमि पर फर्जी रूप से पट्टा बनवा लिया गया है, जबकि इसमें विगत 3 पीढिय़ों से गांव के महेंद्र ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, सुरेश ठाकुर, विजय ठाकुर, ओम प्रकाश ठाकुर एवं जयप्रकाश ठाकुर सहित 17 लोगों का कब्जा है।

राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि हम सब 17 लोग विगत 3 पीढिय़ों से काबिज हैं, जब हम लोग ऑनलाइन जमीन का खसरा देखे तो जिस भूमि में हम लोग तीन पीढिय़ों से काबिज हैं, उस भूमि पर रामानुजगंज के निजामुद्दीन का नाम दर्ज हो गया है।

गांव वालों ने कभी नहीं देखा चेहरा कैसे मिला पट्टा
हरिहरपुर निवासी राजेंद्र ठाकुर सहित अन्य लोगों ने बताया कि जिस व्यक्ति के नाम से पट्टा गांव में दिया गया है, उस व्यक्ति को गांव का कोई व्यक्ति नहीं देखा है न जानता है परंतु उसके नाम से कैसे पट्टा जारी हो गया कोई नहीं समझ पा रहा है।

धान बेचने के लिए पंजीयन भी हो निरस्त
ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि फर्जी रूप से एक ओर पट्टा बना लिया गया है, वहीं धान बेचने के लिए फर्जी रूप से पंजीयन भी करा लिया गया है,जबकि जिस भूमि का पंजीयन कराया गया है, उसमें धान नहीं है। ग्रामवासियों ने धान बेचने के लिए किए गए पंजीयन को निरस्त किए जाने की मांग की।

पंचनामा में भी ग्रामीणों की आरोप की हुई पुष्टि
राजस्व विभाग के कर्मचारियों एवं गांव के सरपंच की उपस्थिति में मौके का पंचनामा तैयार किया गया जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि 17 ग्रामीण तीन पीढिय़ों से वहां निवासरत है,जहां उनकी घर बारी कुआं सहित अन्य निर्माण कार्य हुए हैं। पट्टा जिस निजामुद्दीन के नाम से बना है उसे ग्राम वासियों ने नहीं देखा है ना ही उसका कभी कब्जा रहा है।


अन्य पोस्ट