सरगुजा

जर्जर सडक़ और अमृत मिशन योजना में अनियमितता को ले विपक्ष ने घेरा निगम सरकार को
20-Dec-2021 8:11 PM
जर्जर सडक़ और अमृत मिशन योजना में अनियमितता को ले विपक्ष ने घेरा निगम सरकार को

23 दिसंबर के बाद पैसा रिलीज करने मंत्री का मिला है आश्वासन-सत्ता पक्ष

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 20 दिसंबर।
नगर निगम अंबिकापुर की सामान्य सभा में सोमवार को विपक्ष ने शहर की जर्जर सडक़ और अमृत मिशन योजना में हो रही अनियमितता व इस योजना से शहरवासियों को 24 घंटे पानी दिलाने के वादे को लेकर हंगामा किया। विपक्ष ने निगम सरकार को यहां तक कह डाला कि अगर आप सत्ता पक्ष के लोग सक्षम नहीं है तो हम लोग भी आपके साथ खड़े होकर प्रदर्शन करेंगे। सामान्य सभा की शुरुआत में ही नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज ने अमृत मिशन के साथ-साथ शहर के कई जरूरी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हुए उसे सामान्य सभा के एजेंडे में शामिल करने की बात कही।

विपक्ष के हंगामे के बीच लोक निर्माण विभाग के प्रभारी शफी अहमद ने कहा कि अंबिकापुर शहर के सडक़ों के मरम्मत के लिए शासन को 30 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, 3 करोड़ का टेंडर भी हो चुका है। आचार संहिता के कारण कार्य प्रभावित था, 23 दिसंबर के बाद पैसा रिलीज करने नगरीय प्रशासन मंत्री जी का आश्वासन मिला है, शीघ्र ही कार्य प्रारंभ होगा। महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि आयुक्त नगर निगम को वर्क आर्डर जारी कर सडक़ो के पेच रिपेयर करने का निर्देश दिए।

विपक्ष के पार्षद मधुसूदन शुक्ला ने कहा कि 2 साल बीत जाने के बाद भी अमृत मिशन योजना का 40 प्रतिशत कार्य अधूरा है, स्वीकृत कार्य के अनुरूप काम नहीं हो रहा है। 24 घंटे तो दूर दो टाइम का पानी भी शहर वासियों को ठीक से नहीं मिल पा रहा है। पुराने पाइपों को क्यों नहीं बदला गया। श्री शुक्ला ने और भी कई प्रकार के अनियमितता का आरोप लगाया। श्री शुक्ला ने कहा कि केंद्र की योजना थी, लोगों को स्वच्छ पानी मिले, लेकिन अफसोस शहरवासी से वंचित हंै। शहर की जनता पूछ रही है कि कब तक अमृत मिशन योजना का कार्य पूरा होगा और उन्हें 24 घंटे पानी मिलेगा।

श्री शुक्ला ने निगम सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का पुराने सामग्रियों कि ओर ध्यान नहीं है, वह कंडम होते जा रहे हैं। सिर्फ नए समान के सामाग्री के खरीदी पर ध्यान रहता है क्योंकि इसमें कमीशन का खेल है। श्री शुक्ला व विपक्ष के पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि शहर के सभी सडक़ों की स्थिति खराब है। नए सडक़ों का विकास तो दूर पुराने सडक़ों का मरम्मत तक नहीं करा पा रहे हैं। चार महीने में सामान्य सभा हो रही है, कई लोगों का वृद्धा पेंशन त्रुटियों के कारण रुका हुआ है उसे तत्काल स्वीकृत कराया जा जाए।

विपक्ष के आरोप पर लोक निर्माण विभाग के प्रभारी शफी अहमद ने कहा कि अमृत मिशन योजना में जहां कहीं भी लगता है कि गुणवत्ताविहीन कार्य हुए हैं इसकी लिखित शिकायत करें उसकी जांच कराई जाएगी। मुझे भी जानकारी मिली है कि जहां पाइप लाइन बिछाने में गैप होना चाहिए, वहां इसकी कमी हुई है, कार्रवाई होनी चाहिए। अभी जो नए टायरिंग के काम जो नगर में हुए है, उसकी भी जांच कराई जाएगी। पुराने सामग्री के कंडम होने पर श्री अहमद ने कहा कि निगम कमिश्नर इसे संज्ञान में ले और सामान्य सभा के अनुमति के बाद ही नए सामग्रियों का खरीदी हो।

स्वच्छता पुरस्कार के लिए बधाई,
पर मशीनों में भ्रष्टाचार का आरोप

विपक्ष के मधुसूदन शुक्ला ने सत्ता पक्ष को स्वच्छता में पुरस्कार हासिल करने की बधाई देते हुए मशीनों की खरीददारी और उसके उपयोग नहीं होने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना था कि स्वच्छता मिशन के तहत कई ऐसी मशीनें खरीदी गई हैं, जो फिलहाल उपयोगहीन हैं या तो बंद पड़ी है। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि निगम के द्वारा जिसमें भ्रष्टाचार हो सकता है, उस खरीददारी पर ज्यादा ध्यान दिया गया। जवाब में लोक निर्माण विभाग प्रभारी सफी अहमद में अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा कि ऐसी मशीनों की खरीदारी ना किया जाए जो उपयोग में ना हो।

पीएम आवास के सर्वे पर कोताही करने वालों को करें कार्य से पृथक
गरीबों के लिए बनने वाले पीएम आवास के मुद्दे को विपक्ष द्वारा उठाने पर सत्ता पक्ष के लोक निर्माण विभाग प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि लक्ष्मीपुर में 1885  और फुदूरडिहारी में 261 मकान बनने हैं। इसके लिए जो फार्म आए हैं, उनका सर्वे कराया जा रहा है कि उक्त फार्म भरने वाले पात्र हैं या नहीं। फिलहाल 28 वार्ड का सर्वे हो चुका है। अभी तक 20 वार्ड का सर्वे नहीं करने पर श्री अहमद ने ऐसे कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस देने और सही जवाब नहीं देने पर कार्य से पृथक करने को कहा।

विपक्ष ने महापौर पर लगाया
राजस्व की क्षति का आरोप

विपक्ष के पार्षद आलोक दुबे ने राजमोहनी भवन श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरगुजा सदन भवन की बकाया राशि का मुद्दा उठाते हुए महापौर पर राजस्व की क्षति में सहयोग करने का आरोप लगाया। श्री दुबे ने कहा कि दो भवन आधिपत्य में लेकर एक भवन को एक करोड़ 80 लाख से ज्यादा बकाया होने के बाद भी एक ठेकेदार को स्थगन कैसे दे दिया गया, उन्हें कोई नोटिस दिया गया या नहीं। इस आरोप के जवाब में महापौर डॉ. अजय तिर्की ने कहा कि ठेकेदार को कई नोटिस दे दिए गए हैं। यहां तक कि अंतिम नोटिस भी थमा दिया गया है। इसके बावजूद अगर राजस्व जमा नहीं किया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।


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