सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,19 दिसंबर। दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम सोहगा खर्रापारा में गत 18 जुलाई को सडक़ किनारे खून से लथपथ अवस्था में स्कूटी के साथ पड़ी मिली महिला के मामले में उसका भाई ही हत्यारा निकला है। घटना को लेकर उसके भाई के द्वारा ही एक्सीडेंट की ना सिर्फ आशंका व्यक्त की थी बल्कि बार-बार उक्त घटना को एक एक्सीडेंट का रूप देने का प्रयास किया जा रहा था। पूरे मामले में जमीन का विवाद और मृतिका के देर से घर आने का विवाद सामने आया है।
गौरतलब है कि 18 जुलाई को दरिमा थाना क्षेत्र के सोहगा खर्रापारा में पीएमजीएसवाई मे भी चपरासी काम करने वाली महिला श्रीमति रजनी कुजूर की लाश खून से लतपथ अवस्था में रोड़ किनारे पड़ी मिली थी पास ही में मृतिका की स्कूटी पड़ी हुई थी। जिस पर प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा इसे एक्सीडेन्टल डेथ होने की संभवना प्रकट किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम काबले के संज्ञान में आने पर उनके द्वारा इसमें हत्या होने की संभावना परिलक्षित होने पर तत्काल उनके द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी अखिलेश कौशिक एवं थाना प्रभारी श्रीमति आशा तिर्की को नेतृत्व में टीम गठित कर पोस्टमार्टम कर्ता डॉक्टर से राय लेकर जांच करने का हिदायत दिया गया। पीएम कर्ता डॉक्टर द्वारा भी मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक होना संभाव्य बताया गया। जिस पर मृतिका की माता श्रीमति मनिरा कुजूर से विस्तृत पूछताछ किया गया, जिससे उनके द्वारा अपने पुत्र केन्दा राम पर ही हत्या कारित किये जाने का अंदेशा प्रकट किया गया।
केन्दाराम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर अपना गुनाह स्वीकार करते हुये बताया कि वह अपने बहन के देर रात आना जाना करने से नाराज रहता था तथा उसे इस कारण सामाजिक अपमान झेलना पड़ रहा था।इसके अतिरिक्त जमीन सम्बंधी विवाद को लेकर भी आये दिन वह अपने बहन से झगड़ता था।
घटना दिनांक को रात्रि 10 बजे के लगभग जब मृतिका अपने स्कूटी से घर आ रही थी तो आरोपी केन्दा राम उसे देख कर भडक़ गया और पास रखे डंडा को उठाकर सिर तथा गले में प्राण घातक हमला कर उसकी हत्या कर दी।
मामले में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।सम्पूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक आशा तिर्की, उप निरीक्षक ओपी यादव सहा उप निरीक्षक भूपेश सिंह, अजीत मिश्रा, राकेश मिश्रा, रायोश यादव आरक्षक विकास सिंह, विरेन्द्र पैकरा, विवेक राय, निरज पाण्डेय का सराहनीय योगदान रहा।


