सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,18 दिसम्बर। सरगुजा का गौठान अब केवल गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट बनाने तक सीमित नही रह गया है, यहाँ की गौठानो में काम कर रही राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी हुई स्व सहायता समूह की महिलाओ ने जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में उद्यान विभाग से जुडक़र बागवानी में नज़ीर प्रस्तुत करने का काम किया है।सरगुजा में स्वम सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाये परम्परागत खेती से आगे बढक़र अब उन्नत कृषि तकनीक से जुड़ रही है, गौठानो में इन्हें उन्नत बागवानी से जोडऩे के लिए उद्यान और कृषि विभाग द्वारा ड्रीप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक सुविधा प्रदान की गई है।
पहले शकरकंद, मूंगफली और जिमीकन्द की खेती और अब टमाटर, लौकी, मूली, करेला और आलू का उत्पादन कर न केवल गौठान बल्कि स्वम की आजीविका के लिए एक नया द्वार खोला है।जिले के 14 मॉडल गौठानो में स्वम सहायता समूह की महिलाये उद्यान विभाग से जुडक़र आधुनिक बागवानी सिख रही है, जिला प्रशासन के निगरानी में उद्यान विभाग, कृषि विभाग और बायोटेक लैब के तकनीकी अधिकारियों के मार्गदर्शन से जुडक़र महिलाये अब ड्रीप ऐरिगेशन और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सब्जियों का उत्पादन कर रही है।


