सरगुजा
जिस ठेकेदार के विरुद्ध विभाग ने ही मामला दर्ज कराया था उसी से काम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज,18 दिसंबर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिला के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत रामपुर खारा बांध निर्माण कार्य में ग्रामीणों ने मशीन से कार्य एवं मजदूरों की फर्जी हाजिरी भरने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग संभाग क्रमांक 2 में अनियमितता को लेकर अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध रामानुजनगंज थाने में मामला पंजीबद्ध किया गया है, लेकिन फिर भी मनरेगा में हो रहे कार्यों में अनियमितता बरत रहे हैं।
इस संबंध में उप अभियंता सुजीत गुप्ता ने कहा कि मनरेगा का कार्य है, इसमें मशीन से कार्य कराए जाने का अनुमति मिली है। बांध में जो दरार आया है वह एक बरसात के बाद ठीक हो जाएगा।
आरोप है कि ग्राम रामपुर खारा बांध जो करीब 40 लाख से मनरेगा के तहत कार्य में मशीन से जहां कार्य कराया जा रहा है, वहीं मजदूरों की फर्जी हाजिरी भरी जा रही हैं। यहां तक कि मनरेगा के कार्य में पूर्णत: ठेकेदारी प्रतिबंधित होने के बाद भी ठेकेदार से कार्य कराया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि जिस ठेकेदार के विरुद्ध विभाग ने ही मामला दर्ज कराया था, उसी ठेकेदार को कई काम दिए गए हैं।
आरोप है कि कार्य अत्यंत निम्न स्तर का हो रहा है।

ठेकेदार के विरुद्ध मनरेगा के कार्य में ही फर्जीवाड़ा करने उसके एवं विभाग के अधिकारियों के खिलाफ विभाग ने ही प्राथमिकी रामानुजगंज थाने में दर्ज कराई है, उसी ठेकेदार से विभाग काम करवा रहा है।
कार्यस्थल पर नहीं लगा है कार्य का बोर्ड
ग्रामीणों ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी ने कार्यस्थल में कोई बोर्ड नहीं लगाए हैं ताकि किसी को पता नहीं चलेगा कि कार्य किस मद से और कितनी लागत का है।
बांध बनने के साथ आया दरार
ग्रामीणों ने बताया कि कार्य का स्तर कितना निम्न है, यह इस बात से समझा जा सकता है कि कार्य अभी हो ही रहा है वहीं बांध में दरार भी आ गया है, वहीं अन्य कार्य भी निम्न स्तर के हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस उप अभियंता द्वारा उक्त कार्य की निगरानी की जा रही है वह उप अभियंता अन्य सबडिवीजनओं में भी काम कर रहा है, जिसके पास काम इतना अधिक है कि कार्य की निगरानी के लिए एक दिन भी मौके पर नहीं जा रहे हैं, जिस कारण कार्य को ठेकेदारी में देकर मनमानी पूर्वक कार्य कराए जा रहा है।
जंगल का लगा दिया बोल्डर, रेंजर ने रुकवाया था काम
जल संसाधन विभाग के द्वारा मनरेगा के तहत हो रहे इस कार्य में प्रारम्भ से ही अनियमितता बरता जा रहा था।
कार्य में जहां क्रेशर का गिट्टी लगना था, वहां जंगल से गिट्टी लाकर लगा दिया गया। जब वन विभाग को इसकी भनक लगी थी तो रेंजर मौके पर पहुंचकर कार्य को रुकवाया था।


