सरगुजा
सरगुजा संभाग में 800 करोड़ के कार्य प्रभावित
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर,16 दिसंबर। सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में गुरुवार को सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में ताले लटके रहे। राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सरगुजा संभाग के भी सभी राष्ट्रीय कृत बैंक बंद रहे। सरगुजा संभाग में एक दिन में ही लगभग 800 करोड़ का कार्य प्रभावित हुआ। यह हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रहेगी। दो दिवसीय हड़ताल के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर संभाग के सभी राष्ट्रीय कृत बैंकों में ताले लगे रहे। कर्मचारी सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए नजर आए। अंबिकापुर शहर के अंदर बैंक कर्मचारियों द्वारा रैली भी निकाली गई।
विरोध में शामिल बैंक कर्मचारियों ने कहा कि इस संसदीय सत्र में भारत सरकार के द्वारा दो निजी बैंकों का निजीकरण किया जा रहा है। साथ ही निकट भविष्य में अन्य चार बैंक और दो बीमा कंपनियों का निजीकरण भी करने की योजना है।
बैंक कर्मचारियों ने कहा कि प्राइवेट बैंक सिर्फ मुनाफा कमाने के लिए काम कर रही है, वहीं सरकारी बैंक शासन की कई योजनाओं को भी संचालित कर रही है। सरकारी बैंकों के निजीकरण किए जाने से गरीब जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। प्राइवेट बैंक सिर्फ पूंजीपतियों को फाइनेंस लाभ दे पाएगी। आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि देश की जनता के खिलाफ यह निजी करण की योजना है।
दो दिवसीय इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मध्य नजर पहले दिन है। सरगुजा संभाग में लगभग 800 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ है। उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को भी यह हड़ताल जारी रहेगी।


