सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 12 दिसम्बर। सरगुजा संभाग में सडक़ों की दुर्दशा से पीडि़त आम नागरिकों की प्रार्थना को लेकर गैर राजनीतिक मंच सडक़ सत्याग्रह ने रविवार को राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम को ज्ञापन सौंपा और सडक़ों के निर्माण हुआ जीर्णोद्धार कार्यों की प्रगति पर व्यक्तिगत रुचि लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देशित करने की मांग की।
अंबिकापुर हो या सरगुजा संभाग के विभिन्न सडक़ें.. वर्तमान में सभी की हालत खराब हो चुकी है कई सडक़ों में गड्ढे तो कई जगह धूल का गुबार देखने को मिलता है। खराब सडक़ों के कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को लेकर डॉक्टर गहरवार के द्वारा सडक़ सत्याग्रह एक गैर राजनीतिक मंच की शुरुआत की गई है। विगत दिनों सडक़ सत्याग्रह मंच के तत्वाधान में आम नागरिकों ने शहर में रैली भी निकाली थी और मोमबत्ती जलाकर गांधी चौक पर अनोखी आरती करते हुए जनप्रतिनिधियों व शासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। सडक़ सत्याग्रह को लेकर लगातार हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसमें आम नागरिक जुड़ते जा रहे हैं। रविवार को डॉक्टर गहरवार के नेतृत्व में आम नागरिकों ने राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम को ज्ञापन सौंप कहा कि सरगुजा संभाग पढ़ाई, दवाई, व्यापार के लिए रायपुर, बनारस वाराणसी पर निर्भर है। इन तीनों ही मार्गों की दशा दयनीय है।
सडक़ों के अभाव में यह संभाग एक पहुंच विहीन टापू सा हो गया है। जहां देश में रिकॉर्ड समय पर विश्व स्तरीय नेशनल हाईवे निर्माण पूरे हो रहे हैं, वहीं सरगुजा को बिलासपुर से जोडऩे वाला नेशनल हाईवे 143 व अंबिकापुर को रायगढ़ व रांची से जोडऩे वाला नेशनल हाईवे 43 दशकों से निर्माणाधीन है। निर्माण की प्रसव पीड़ा अब जानलेवा हो चुकी है और इस आदिवासी बाहुल्य अंचल के लोग ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। सडक़ सत्याग्रह के माध्यम से सरगुजा संभाग की सडक़ों को यथाशीघ्र निर्माण व जीर्णोद्धार के कार्यों पर प्रगति लाने संबंधित विभागों को निर्देशित किए जाने की मांग की गई।


