सरगुजा

झारखंड का 123 बोरी धान समिति में खपाने डंप, प्रशासन ने किया जब्त
12-Dec-2021 7:55 PM
झारखंड का 123 बोरी धान समिति में खपाने डंप, प्रशासन ने किया जब्त

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज,12 दिसम्बर।
छत्तीसगढ़ में किसानों की धान खरीदी 1 दिसंबर से प्रारंभ हो गई है वहीं लगातार बिचौलिए प्रयास कर रहे हैं कि झारखंड से औने पौने दाम में धान खरीद कर छत्तीसगढ़ के सरहदी क्षेत्रों की सहकारी समितियों में खपाए।जिसके लिए बिचौलिए झारखंड का धान कन्हर नदी से पार कर रहे हैं वहीं प्रशासन भी लगातार मुखबिर की सूचना पर कार्यवाही कर रहा है।

बीती रात ग्राम विजयनगर मुखबिर की सूचना पर एसडीएम गौतम सिंह के निर्देश पर तहसीलदार ने ग्रामीण के घर से 123 बोरी धान को जप्त किया जिसे समितियों में खपाय जाने की आशंका थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीएम गौतम सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम विजयनगर के जलालुद्दीन पिता मोहम्मद जान के मकान में 123 बोरी धान डंप की गई है जिसे सहकारी समितियों में बेचने के लिए ले जाया जाएगा।सूचना पर तत्काल बीती रात तहसीलदार के नेतृत्व में मौके पर राजस्व अमला एवं मंडी के कर्मचारी पहुंचे जिनके द्वारा 123 बोरी धान को जप्त किया गया। साथ में यह भी तफ्तीश की गई कि जलालुद्दीन के खेत में इतना धान नही हुआ था कि नहीं तो पता चला कि उनके खेत में इतना धान नहीं हुआ था।छत्तीसगढ़ में कई ऐसे बिचौलिए हैं जो लंबे समय से झारखंड से औने पौने दाम में धान लाकर छत्तीसगढ़ की सहकारी समितियों में खपा कर लाखों रुपए कमाते हैं उनका यह प्रतिवर्ष का धंधा है जिस कारण वे यहां धान खपाने का पूरा प्रयास करते रहते हैं।

एसडीएम गौतम सिंह ने बताया कि रामचंद्रपुर विकासखंड में झारखंड एवं उत्तर प्रदेश से आने वाले धान को रोकने के लिए चुनापाठर, टुकूपाथर, झारा त्रिशूली में बैरियर लगाया ही गया है वहीं कन्हर नाका में 24 घंटे राजस्व कर्मी निगरानी कर रहे हैं। श्री गौतम ने बताया कि इसके अलावा भी राजस्व विभाग के कर्मचारी लगातार समितियों पर भी नजर बनाए हुए हैं एवं संभावित क्षेत्रों में लगातार दौरा कर रहे हैं जहां से धान पार होने की संभावना है। किसी भी स्थिति में झारखंड एवं उत्तर प्रदेश से आने वाले धान को सहकारी समितियों में नहीं खपने दिया जाएगा।


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