सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 21 नवंबर। रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत नगरा का 21 वर्षीय युवक का जन्म से ही एक हाथ नहीं है, फिर भी उसके हौसले एवं हिम्मत में कमी नहीं है। ट्रैक्टर चलाने से लेकर मजदूरी का कार्य भी दो हाथ वालों से बेहतर करता है।
ग्राम पंचायत नगरा के संतोष मिंज पिता स्वर्गीय कुलपत मिंज उम्र 21 वर्ष का बचपन से एक हाथ नहीं है। संतोष का एक हाथ नहीं रहने के बावजूद भी संतोष एक ही हाथ से सब काम करने में पूर्ण सक्षम है। कभी भी घर वाले संतोष के एक हाथ नहीं रहने की कमी को महसूस नहीं किए। यहां तक कि संतोष भी कभी भी अपने घर वालों को इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि मेरा एक हाथ नहीं होने से कार्य क्षमता कम है।

संतोष आज एक हाथ रहने के बावजूद भी ट्रैक्टर चला लेता है वही मजदूरी भी करता है. संतोष दो हाथ वालों के बराबर काम करता है। संतोष ने बताया कि ट्राई साइकिल के लिए कई बार प्रयास किया, परंतु मुझे ट्राई साइकिल नहीं मिल पाया।
संतोष ने बताया कि गरीबी के कारण दसवीं तक की ही पढ़ाई कर पाया। वह आगे पढऩा चाहता था, अपने पैरों पर खड़ा होना चाहता था परंतु गरीबी के कारण वह नहीं पढ़ सका, वहीं अब मजदूरी करके अपना जीविका चला रहा है।


