सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर,15 नवंबर। आदिवासी, अस्मिता, स्वायत्तता और संस्कृति के संरक्षण हेतु आजीवन संघर्षरत रहे जननायक भगवान बिरसा मुंडा की आज जयंती राजीव भवन में मनाई गई। बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण पश्चात राज्य श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष शफी अहमद ने उनके जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि अंग्रेज सरकार की दमनकारी नीति के विरोध में बिरसा मुंडा ने आदिवासियों को संगठित कर आंदोलन छेड़ दिया जिसे उलगुलान नाम से जाना जाता है। जब अंग्रेजी हुकूमत उन्हें रोकने लगी तो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने धार्मिकता का सहारा लिया। खुद को भगवान घोषित कर प्रवचन करने लगे। मुंडा समुदाय में धर्म और समाज सुधार का कर्यक्रम चलाया। परिणाम स्वरूप आदिवासियों में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ जागरूकता आयी।
जेपी श्रीवास्तव उपाध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का कहना है व्यक्ति को मारा जा सकता, उसके विचारों को नहीं। डोम्बरी पहाड़ी में मुंडाओं ने रणनीति बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह कर दिया। अंग्रेजी हुकूमत आंदोलन के दमन पर उतारू थी। 9 जनवरी 1900 का दिन मुंडा इतिहास में अमर हो गया जब डोम्बार पहाड़ी पर अंग्रेजों से लड़ते हुए सैकड़ों मुंडाओं ने शहादत दी। आंदोलन लगभग समाप्त हो गया। गिरफ्तार किये गए मुंडाओं पर मुकदमे चलाए गए जिसमें एक को फांसी, 39 को आजीवन कारावास, 23 को चौदह वर्ष की सजा हुई।
प्रदेश महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने बिरसा मुंडा पर बोलते हुए कहा कि बिरसा मुंडा काफी समय तक पुलिस की पकड़ में नहीं आये थे, लेकिन एक स्थानीय गद्दार की वजह से 3 मार्च 1900 को गिरफ्तार हो गए। लगातार जंगलों में भूखे-प्यासे भटकने की वजह से वह कमजोर हो चुके थे। 9 जून 1900 को रांची जेल में उनकी मृत्यु हो गयी। उन्होंने कहा कि बिरसा के विचार मुंडाओं और पूरी आदिवासी कौम को संघर्ष की राह दिखाते रहे। आज भी आदिवासियों के लिए बिरसा का सबसे बड़ा स्थान है। राकेश गुप्ता अध्यक्ष जिला कांग्रेस ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर मेयर डॉ. अजय तिर्की, ब्लॉक अध्यक्ष शहर हेमंत सिन्हा, ग्रामीण अध्यक्ष विनय शर्मा, इस्लाम खान, अरविंद सिंह गप्पू, सैयद अख्तर हुसैन, चुनमुन तिवारी, प्रमोद चौधरी, नीतीश चौरसिया, निक्की खान, रजनीश सिंह, काजू खान, चंद्रप्रकाश सिंह, रामू घोष, पवन सिंह, दिलीप धर, संपूर्ण जयसवाल, विजय अधिकारी, चुना खान, आतिफ रजा, दानिश, अमित सिंह, रिंकू, पंकज, अरुण रजक, गीता रजक, शकीला सिद्धकी और कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।


