सरगुजा

परित्राणाय साधुनाम जो पुलिस का आदर्श वाक्य है इसे चरितार्थ करना है-आईजी
12-Nov-2021 10:09 PM
परित्राणाय साधुनाम जो पुलिस का आदर्श वाक्य है इसे चरितार्थ करना है-आईजी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज,12 नवम्बर।
नगर के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित 12वीं बटालियन मुख्यालय में सरगुजा संभाग के बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं अंबिकापुर के डेढ़ सौ आरक्षकों की पदोन्नति के बाद प्रधान आरक्षक बनने के बाद आज प्री प्रमोशन कोर्स प्रथम सत्र का शुभारंभ सरगुजा रेंज आईजी अजय यादव, डीआईजी टी एक्का, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, सेनानी बीपी राजभानु की मौजूदगी में किया गया।

इस अवसर पर सरगुजा रेंज आईजी अजय यादव ने सभी आरक्षकों को प्रधान आरक्षक बनने पर बधाई देते हुए कहा कि परित्राणाय साधुनाम जो पुलिस का आदर्श वाक्य है, इसे चरितार्थ करना है। आप लोगों पर जवाबदारी बढ़ गई है,  विवेचना जैसा महत्वपूर्ण कार्य आप लोगों को अब करना है। आपके व्यवहार से ही पुलिस के प्रति लोगों के मन में छवि बनती है, आप सभी को आने वाले हर फरियादी से मर्यादित आचरण करना है।

 श्री यादव ने कहा कि थाने में दो प्रकार के लोग पहुंचते हैं पहला प्रताडि़त दूसरा प्रताडि़त करने वाले, आपको पहचान करना है कि कौन प्रताडि़त है और कौन प्रताडि़त कर रहा है। मैं 2004 से नौकरी में हूं, मेरा हमेशा प्रयास रहता है कि मेरे पास जो भी गरीब असहाय व्यक्ति फरियाद लेकर पहुंचे, मैं उसे संतुष्ट करु,  आप से भी अपेक्षा कर रहा हूं कि आप भी गरीबों की मदद के लिए हमेशा आगे रहें।

डीआईजी टी. एक्का ने भी सभी प्रधान आरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों की विवेचना के आधार पर ही सरकार सुप्रीम कोर्ट तक लड़ती है, आप लोगों पर महत्वपूर्ण जिम्मेवारी आ गई है, जिसे आप को पूरी ईमानदारी के साथ पूरा करना है।
 
पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने कहा कि थाने में किसी अधिकारी के नहीं रहने पर आपको भार साधक अधिकारी की भी जिम्मेवारी मिलती है। आप सभी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए आदर्श प्रस्तुत करें। आभार प्रदर्शन सेनानी बीपी राजभानु ने किया। इस दौरान बटालियन के सहायक सेनानी लोकेश्वर सिंह सांडलीय, भुवनेश्वर सिंह, गोविंद राम, कंपनी कमांडर लियोस कुजुर, धर्मेंद्र गुप्ता सहित बटालियन के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

थाने में करें सम्मानजनक व्यवहार
आईजी ने कहा कि थान में यदि कोई फरियाद लेकर आता है, उसके सामने तेज आवाज में आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग न करें हमेशा उनसे सम्मान पूर्वक पेश आएं। हमेशा प्रयास करें कि अपराधियों में पुलिस का खौफ हो एवं आम आदमी का पुलिस के प्रति नजरिया सकारात्मक रहे। आईजी ने कहा कि हम सब सामान्य परिवार से आए हैं थाने में यदि कोई सामान्य परिवार के लोग आते हैं तो उनके साथ हमेशा ऐसा व्यवहार करें कि पुलिस के प्रति उनका नजरिया ठीक रहे। सामान्य परिवार से आने के बाद भी कई लोग इसे भूल जाते हैं, जो कभी नहीं भूलना चाहिए।


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