सरगुजा
इस बार भी आरती के दर्शन ऑनलाइन कर सकेंगे श्रद्धालु
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 6 अक्टूबर। कोरोना काल में इस बार भी शारदीय नवरात्र कोरोना के नियमों के साथ मनाया जाएगा। मंदिरों व दुर्गा पंडालों में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारी पूरी हो चुकी है। साथ ही पंडालों का निर्माण भी शुरू हो गया है। इस वर्ष श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर देवी के दर्शन कर पाएंगे, परंतु संख्या सीमित रहेगी। सारे नियमों का पालन भी करना पड़ेगा। इसके साथ-साथ माता रानी की आरती के दर्शन ऑनलाइन ही होंगे।
महामाया मंदिर में घी के 1900 व तेल के 2300 अखंड मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। शहर के इस प्रमुख मंदिर के साथ गांधी चौक स्थित दुर्गा मंदिर शक्तिपीठ सहित समस्त देवी मंदिरों में भी 16 सौ ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होंगे।
गुरुवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो जाएगी। कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष नवरात्र महोत्सव सादगी पूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। गरबा, डांडिया, जगराता व जुलूस जैसे कार्यक्रमों के आयोजन पर प्रशासन ने रोक लगा दिया है। साथ ही भंडारा, कन्या भोज जैसे आदि कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मंदिरों, दुर्गा पंडालों में शारीरिक दूरी के नियम पालन व मास्क लगाना अनिवार्य होगा। शहर के महामाया मंदिर सहित देवी के अन्य मंदिर में माता के ज्योति कलश के साथ भक्तों के मनोकामना ज्योति कलश भी प्रज्ज्वलित किया जाएगा।
महामाया मंदिर ट्रस्ट ने ज्योति कलश प्रज्ज्वलन के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली है। सुबह शाम आरती के दौरान दो-दो घंटे लाइव प्रसारण होगा, वहीं सोशल मीडिया पर भी भक्त दर्शन कर सकते हैं। नवरात्र शुरू होने से पूर्व बुधवार को मंदिरों की साफ -सफाई व रंगरोगन का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है।
पिछले वर्ष की तुलना में कम जलेंगे ज्योति कलश
महामाया मंदिर के पुजारी रामू महाराज ने बताया कि महामाया मंदिर में ज्योति कलश मुहूर्त के अनुसार 12.30 से 1.30 के बीच प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। सुबह 5 बजे माता रानी की आरती होगी।
काफी कम स्थान पर बनाए गए हैं दुर्गा पंडाल
इस वर्ष शहर में दुर्गा पंडालों की संख्या कम नजर आएगी। शहर में जहां हर वर्ष कई जगहों पर माता दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की जाती थी। लेकिन इस वर्ष भी शहर में कुछ ही जगहों पर ही माता दुर्गा पंडालों में विरानी नजर आएगीं।


