सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 3 अक्टूबर। रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत चुमरा के आधा दर्जन से अधिक किसानों के द्वारा लगाया गया हाइब्रिड धान बाली आने के बाद ही सूखने लगा, जिससे किसान चिंतित हंै। धान को बचाने के लिए किसानों के द्वारा दवाइयां भी कंपनी के प्रतिनिधियों की सलाह से डाली गई, परंतु उसके बाद भी धान सही नही हो पाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चुमरा के किसान इसराइल, इब्राहिम शाह, इस्माईल शाह, वली मोहम्मद, रामविचार, रिखावन सहित गांव के अन्य किसानों के द्वारा हाइब्रिड धान धान्या कंपनी का एमसी 13 अपने अपने खेतों में लगाया गया था। धान में जैसे ही बाली लगी, वैसे ही धान सूखने लगा, जिसके बाद तत्काल किसानों ने हाइब्रिड धान कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क किया।
हाइब्रिड धान कंपनी के प्रतिनिधि भी खेतों तक पहुंचे, उनके द्वारा दवाइयां भी बताई गई, परंतु दवाई डालने के बाद भी धान सही नहीं हो पाया। जिससे किसान परेशान हंै। किसान वली मोहम्मद ने बताया कि जब धान की बाली सूखने लगी तो हम लोगों के द्वारा फसल काट लिया गया था ताकि दूसरा फसल लगाये है कम से कम उसका पुवाल भी मिल सके।
कैसे पटेगा अब कर्ज
किसानों के द्वारा कर्ज लेकर हाइब्रिड धान की खेती की गई थी, परंतु धान के खराब हो जाने से अब उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है कि कर्ज कैसे पटाएंगे, जिससे किसान बहुत चिंतित हैं।




