सरगुजा

तीन दशकों से स्वयं गणेश की मूर्ति बनाकर घर में बिठाते हैं
09-Sep-2021 8:47 PM
तीन दशकों से स्वयं गणेश की मूर्ति बनाकर घर में बिठाते हैं

 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पत्थलगांव, 9 सितंबर। पत्थलगांव के अधिवक्ता व मूर्तिकार  बसंत शर्मा बीते 3 दशकों से भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्वयं अपने हाथों से सजाकर सुंदर रूप देकर मूर्ति बनाया जाता रहा है। विगत कई सालों से अम्बिकापुर रोड पत्थलगांव में प्रति वर्ष गणेश उत्सव का आयोजन किया जाता है।
 
मूर्ति की कलाकृति इतनी मनमोहक व सुंदर होती है कि आसपास के गांव शहर से आये लोगों के बीच मूर्ति के सुंदर रूप की चर्चा बनी ही होती है।  साज सज्जा , चमकीले वस्त्रों, सुंदरता, व कलाकृतियों से मूर्ति अधिक मनमोहक दिखने लगती है, जिससे पत्थलगांव में भी गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू है घरों घरों पर मूर्ति विराजमान की जा रही है।

30 वर्ष से यहां के अधिवक्ता बसंत शर्मा द्वारा स्वयं मूर्ति को अपने हाथों से आज सज्जा कर मूर्ति रंगरूप देकर घर पर ही गणेश उत्सव मनाया जाता है। मूर्ति की सुंदरता इतनी अधिक होती है कि लोग तारीफ करते नही रुकते। इस दौरान बसंत शर्मा ने बताया कि गणेश उत्सव की तारीख जैसे जैसे नजदीक आने को होती है मूर्ति पूरी तरह से तैयार हो जाती है और  सुंदर डेकोरेशन करवा कर मूर्ति बैठाया जाता है। कहा कि वे बीते 30वर्षो से गणेशोत्सव पर अपने हाथों से ही भगवान गणेश की प्रतिमा बनाकर सपरिवार पूजन कार्य करते आ रहे है।
 
जब वे युवा अवस्था में थे तभी एक मूर्तिकार को मूर्ति बनाते देख उन्होंने अपने हाथों से ही मूर्ति बनाना सीखा है। जिससे भगवान गणेश के पूजन करने का भाव जागृत हुआ। उन्होंने कहा कि मूर्ति को सही रूप देने के लिए वे हमेशा प्राकृतिक रंग का प्रयोग करते है। जिससे मूर्ति विसर्जित करने पर नदी, तालाबों, का  पानी प्रदूषित ना हो सके।

इन दौरान उन्होंने कहा कि जशपुर कलेक्टर  महादेव कांवरे द्वारा गणेश उत्सव के लिए कोविड नियमों के जारी किए गए निर्देशों  का सही ढंग से पालन किया जाना सभी के लिए बहुत ही आवश्यक है। सभी को 4 फिट की मूर्ति ही विराजमान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मास्क, सेनेटाइजर, सोसल डिस्टेंसिंग, प्रति व्यक्ति से 2 गज की दूरी, को ध्यान में रखते हुए गणेशोत्सव मनाया जाना चाहिए। जिससे सभी लोग सुरक्षित रहें।


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