सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 8 सितंबर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग में पादरी अमृत लाल टोप्पो को सदस्य बनाये जाने से आक्रोशित जनजाति गौरव समाज सरगुजा ने अम्बिकापुर में जिला अध्यक्ष बिहारीलाल तिर्की के नेतृत्व में उनको हटाये जाने की माँग को लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं आयोग के अध्यक्ष के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन के माध्यम से माँग की गई कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 15 जुलाई 2021 को छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग में नियुक्ति किया गया, जिसमें सदस्य के महत्वपूर्ण पद में सेंट जेवियर्स, अंबिकापुर में निवासरत ईसाई धर्म प्रचारक पादरी अमृत लाल टोप्पो को नियुक्त किया गया है, जिस पर छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति समाज को घोर आपत्ति है और यह समाज के हितों और भावनाओं के विरुद्ध है।
ज्ञापन में सुकमा के पुलिस अधीक्षक के पत्र का भी जिक्र किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक, सुकमा द्वारा एक निर्देश पत्र जारी किया गया था, जिसमें उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए अपने समस्त थानेदारों को निर्देशित किया था कि धर्मांतरण के मामलों पर गंभीर नजर रखें क्योंकि धर्मांतरित और गैर धर्मांतरित आदिवासियों के बीच तनाव, मतभेद और विवाद की स्थिति पूरे बस्तर क्षेत्र में देखने को मिल रही है।
ज्ञापन में नियोगी कमीशन का भी उल्लेख करते हुए माँग की गई है कि नियोगी कमीशन ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजाति समाज के अपने जाँच में यह सार बिन्दु दिया था कि ईसाई धर्म में धर्मान्तरित लोगों के द्वारा मूल जनजाति समाज के अधिकारों को ले लिया जा रहा है, इसलिए ऐसे गैर संवैधानिक अतिक्रमण पर ठोस कदम उठाना चाहिए और नियोगी कमीशन के निर्देशों के पालन में पादरी अमृत लाल टोप्पो को हटाये जाने की माँग संगठन द्वारा की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में बंशीधर उराँव, रामलखन सिंह पैंकरा, अनामिका पैंकरा, कमलेश टोप्पो, फूलेश्वरी सिंह, ललिता तिर्की, सचिन भगत, पावन पूर्णाहुति भगत, सुमेश्वर सिंह, रामबिहारी सिंह, मानकेश्वर भगत, जगना राम प्रधान, अंकित तिर्की आदि उपस्थित रहे।


