सरगुजा

14 सूत्रीय मांग को ले कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने किया धरना-प्रदर्शन
03-Sep-2021 8:55 PM
 14 सूत्रीय मांग को ले कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने किया धरना-प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 3 सितंबर। आज छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा कलम रख 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अंबिकापुर कलेक्टोरेट स्टेट बैंक ब्रांच के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। राज्य शासन द्वारा कर्मचारी हित में समाधान कारक निर्णय नहीं लेने के कारण अधिकारी-कर्मचारी व पेंशनर्स आक्रोशित हैं।

शासन द्वारा कर्मचारी हित के निर्णय नहीं लेने के कारण3 सितंबर को कलम बंद-काम बंद हड़ताल अवकाश लेकर किया गया है। साथ ही निराकरण के अनुरोध सहित पुन: स्मरण मांग पत्र सरगुजा कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। संघ ने कहा कि राज्य शासन द्वारा अधोलिखित 14 बिन्दुओं पर समाधान कारक निर्णय नहीं लिया तो छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन अनिश्चित हड़ताल करने का निर्णय लेने हेतु बाध्य होगा, जिसका संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य शासन की होगी।

धरना प्रदर्शन में कमल वर्मा प्रांताध्यक्ष,राजेश चटर्जी प्रांतीय सचिव, कौशलेन्द्र पाण्डेय संभागीय अध्यक्ष,ओमकार सिंह संभाग प्रभारी,एम. एल. स्वर्णकार संभागीय प्रवक्ता, कमलेश सोनी जिला संयोजक,राजेन्द्र सिंह सह संभागीय अध्यक्ष,डॉक्टर सीके मिश्रा,आनंद सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

14 सूत्रीय मांगपत्र में संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण साथ ही शिक्षक एवं स्वास्थ्य संवर्ग सहित अन्य कर्मचारी संवर्ग का वेतन विसंगति निराकृत किया जाये। प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी एवं पेंशनरों को देय तिथि जुलाई 19 से 17 प्रतिशत सहित वर्तमान दर 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृति आदेश जारी किया जाये। छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 का बकाया एरियर्स 3 किश्त के भुगतान हेतु आदेश जारी किया जाये।सभी विभागों में लंबित संवर्गीय पदोन्नति क्रमोन्नति, समयमान एवं तृतीय समयमान वेतनमान का लाभ समय सीमा में प्रदान किया जाये।सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त,शिक्षकों को तृतीय समयमान वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जये।शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत कर्मचारियों एवं अधीकारियों के परिवार को राजस्थान सरकार के आदेश के तर्ज पर रू. 50 लाख अनुग्रह राशि स्वीकृति आदेश जारी किया जाये। कोरोना ड्यूटी में लगाये गये शासकीय सेवकों को कोरोना भत्ता दिया जाये।

अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जाये एवं सेवा से पृथक अनियमित कर्मचारियों को बहाल किया जाये।जन घोषणा पत्र में उल्लेखित चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाये।

साथ ही घोषणा पत्र में उल्लेखित अन्य मांगों को पूरा किया जावे। छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के मूलवेतन के आधार पर 10 प्रतिशत् गृह भाड़ा भत्ता सहित अन्य समस्त भत्ता स्वीकृति आदेश जारी किया जाये।राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू किया जाये।

तृतीय श्रेणी के पदों पर 10 प्रतिशत के बंधन को मुक्त करते हुये समय सीमा के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के समस्त लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जावे। कार्यभारित व आकस्मिक सेवा के कर्मचारियों के समान वेतन के रिक्त पदों पर समायोजित करते हुये नियमित कर्मचारियों के समान वेतन भत्ते एवं पेंशन का लाभ दिया जावे।प्रदेश के पटवारियों को पदोन्नति एवं लैपटाप के साथ उनके कार्यालयों में कम्प्यूटर की समस्त सुविधा दी जावे।पेंशनरों को त्वरित पेंशन भुगतान हेतु 20 वर्षों से लंबित पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को विलोपित कर पेंशनरी दायित्वों का मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के बीच बटवारा तत्काल किया जावे। साथ ही सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल भारतीय स्टेट बैंक गोविंदपुरा भोपाल से पृथक कर रायपुर छत्तीसगढ़ में स्थापित कर छत्तीसगढ़ के प्रकरणों का निपटारा किया जाये।


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