सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रामानुजगंज, 31 अगस्त। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अंतर्गत डूमरपान में मनरेगा के तहत हुए कूप निर्माण में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अफसर के द्वारा अधूरे कार्यों का घर बैठे मूल्यांकन एवं सत्यापन किए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 7 एवं सभापति खाद्य विभाग रामेश्वर यादव ने की है।
इस संबंध में रामेश्वर यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत डूमरपान में मनरेगा के तहत आठ कूप निर्माण को स्वीकृति मिली थी। प्रत्येक कूप निर्माण का कार्य 3-3 लाख रुपए लागत से था, जिसमें हितग्राही लखन यादव पिता जय करण यादव, भागीरथ पिता हरिप्रसाद एवं अन्य लोगों का अधूरा था, परंतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अफसर के द्वारा घर बैठे मूल्यांकन एवं सत्यापन कर दिया गया।
श्री यादव ने बताया कि इस बात का खुलासा तब हुआ, जब हम लोगों के द्वारा अन्य कूप निर्माण के मूल्यांकन एवं सत्यापन के लिए कहा जाने लगा तो वह टालमटोल करने लगे। जब हम लोग अन्य हुए कूप निर्माण की जानकारी निकाले तो पता चला अन्य कूप का मूल्यांकन एवं सत्यापन कर जनपद में जमा कर दिए थे, जिसके बाद हम लोगों ने इसकी शिकायत कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ से करके कार्यवाही की मांग की है।
शिकायत करने के बाद काम हुआ शुरू
जनपद सदस्य रामेश्वर यादव एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जैसे ही कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को शिकायत किया गया, उसके बाद ही अधूरे कार्य को जल्दी-जल्दी पूरा करने का कार्य किया जा रहा है। श्री यादव ने बताया कि यह क्षेत्र का कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी उक्त अफसर के द्वारा कमीशन राशि लेकर इसी प्रकार से अनियमितता की गई है। यदि जांच हो तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकेंगे।
इस संबंध में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बीड़ी लाल गुप्ता ने कहा कि रामचंद्रपुर विकासखंड के दूरस्थ ग्राम पंचायतों में मनरेगा एवं 14 वें वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की राशि में भारी अनियमितता बरती गई है, तकनीकी सहायकों उप अभियंताओं एवं एसडीओ के पंचायत कर्मी से मिलीभगत से शासकीय राशि का खुलेआम बंदरबांट हो रहा है, इसकी उच्च स्तरीय जांच करवा कर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।


