सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 19 अगस्त। कोरोना संकटकाल में लगातार लोगों की मदद के लिए हर संभव कार्य करने वाली नगर की अनोखी सोच संस्था ने स्वास्थ्य विभाग के ऐसे 170 कर्मचारियों, चिकित्सकों का सम्मान किया है, जिन्होंने अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना औरों के घरों की खुशी लौटाई। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के हॉल में अनोखी सोच संस्था के द्वारा कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया गया। कर्मचारियों व चिकित्सकों को उपहार के साथ-साथ सम्मान पत्र भी सौंपा गया।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अंदर संक्रमित मरीजों के उपचार और उनकी देखभाल में जीवनदीप समिति के कर्मचारी और चिकित्सक समर्पित रहे। उनके द्वारा अपने स्वास्थ्य की परवाह नहीं करते हुए कई घरों की खुशियां वापस लौटाई।
संक्रमित मरीजों के कपड़े बदलने, खाना खिलाने से लेकर वार्ड की साफ-सफाई कर्मचारियों के द्वारा की गई। यही नहीं मुक्तांजलि वाहन चालक भी संक्रमित मरीजों के शव को ले जाने अपनी जान जोखिम में डाले। मरीजों को वाहन में बैठाने और उतारने में भी चालक हिचकिचाए नहीं। कई बार चिकित्सक व कर्मचारी भी संक्रमित हुए, बावजूद इसके सेवा का कार्य निरंतर जारी रखा। सही मायनों में रियल हीरो का किरदार निभाने वाले ऐसे 114 जीवनदीप कर्मचारी, 15 चालक और 41 अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी के साथ-साथ डीन डॉ. रमनेश मूर्ति, अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, सिविल सर्जन डॉ. अनिल प्रसाद, उप अधीक्षक डॉ. बी. आर सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. रोशन वर्मा, सहायक नर्सिंग अधीक्षक रश्मि मसीह, डी राज, डॉ. अर्पण सिंह, डाइटिशियन सुमन सिंह का अनोखी सोच ने सम्मान किया।
सम्मान समारोह के दौरान अनोखी सोच संस्था के संरक्षक राजेश मलिक, अध्यक्ष प्रकाश साहू, कोषाध्यक्ष अभय साहू, सचिव पंकज चौधरी, विनय शर्मा, नीरज, बजरंग, अजय, मनोज अग्रवाल, भोला रक्सेल, गोपी साहू ,मोती ताम्रकार, बिट्टू, देव कुमार, दिनेश गर्ग, बृजेश साहू, अनिल तिवारी, संजू चटर्जी, रंजीत, लालजी, ननकू, सत्यम सहित भारी संख्या में संस्था के सदस्य मौजूद थे।


