सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 20 मई। जिले को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने के संकल्प के तहत जिला प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच के आधार पर दो अलग-अलग मामलों में कुल 11 लोगों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जांच में यह सामने आया कि संबंधित लोगों द्वारा चोरी-छिपे नाबालिग बालिकाओं का विवाह कराया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल द्वारा दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपा गया। जांच के दौरान बालिकाओं के शैक्षणिक दस्तावेज, विवाह आमंत्रण पत्र, पंचनामा एवं कथनों के आधार पर बाल विवाह की पुष्टि हुई।
प्रतिवेदन के आधार पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
पहले प्रकरण में थाना प्रेमनगर पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की धारा 9, 10 एवं 11 के तहत लडक़ा, लडक़े के पिता, लडक़ी के पिता सहित कुल 9 लोगों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई प्रभारी परियोजना अधिकारी की रिपोर्ट पर की गई।
दूसरे मामले में चौकी चेन्द्रा (थाना झिलमिली) पुलिस ने लडक़ा एवं उसके पिता के खिलाफ धारा 9, 10 एवं 11 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। कार्रवाई परियोजना अधिकारी भैयाथान नितेन बेहरा की रिपोर्ट पर हुई।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति होने के साथ गंभीर दंडनीय अपराध भी है।
इसमें शामिल माता-पिता, पुरोहित, बाराती और सहयोगी सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। दोषियों को दो वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
प्रशासन ने नागरिकों से बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, जिला बाल संरक्षण इकाई अथवा निकटतम थाना में देने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि सूचनादाता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा भविष्य में भी ऐसी कुरीतियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


