सूरजपुर
सूरजपुर, 9 अप्रैल। जिले में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशानुसार विकासखंड सूरजपुर को 1 अप्रैल से 15 जून 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधित 1987) की धारा 03 के तहत जारी इस आदेश के अनुसार, अब विकासखंड सूरजपुर में बिना पूर्व अनुमति के कोई भी नया नलकूप (बोरवेल) खनन नहीं किया जा सकेगा। यह प्रतिबंध पेयजल सहित सभी प्रकार के उपयोग पर लागू रहेगा।
अनुमति के बिना खनन पर सख्ती
अधिनियम की धारा 06 के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सूरजपुर की पूर्व स्वीकृति के बिना नलकूप खनन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम होंगे प्राधिकृत अधिकारी
प्रशासन ने जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सूरजपुर को नलकूप खनन की अनुमति देने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। अनुमति देने से पूर्व वे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकाय, तहसीलदार या नायब तहसीलदार से रिपोर्ट प्राप्त करेंगे।
यह व्यवस्था जिले में भूजल स्तर को बनाए रखने और गर्मी के मौसम में आमजन को निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है।


