सूरजपुर
कर्मियों की सतर्कता से दो ट्रकों की हवा खोली, चालक फरार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 19 जनवरी। एसईसीएल भटगांव क्षेत्र की जगरनाथपुर खदान में बीती रात कोयला चोरी के प्रयास का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कोयला चोरी की नीयत से जबरन दो ट्रकों को खदान परिसर में प्रवेश कराकर कोयला लोड करने का प्रयास किया गया। खदान कर्मियों की सतर्कता से दोनों ट्रकों के टायरों की हवा निकाल दी गई, जिसके बाद चालक और खलासी मौके से फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि चार दिन पहले भी इसी खदान से नियमविरुद्ध तरीके से 43 टन कोयला लोड कर एक ट्रक बाहर निकाल लिया गया था, जिसे भारी हंगामे के बाद पुलिस ने अंबिकापुर से जब्त किया था। इसके बाद रविवार रात फिर दो ट्रकों के जबरन प्रवेश और लोडिंग के प्रयास ने यह आशंका गहरा दी है कि खदान से लंबे समय से संगठित तरीके से कोयला चोरी की जा रही है और हालिया घटनाएं सेटिंग बिगडऩे के बाद उजागर हो रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि खदान के बूम बैरियर और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वाहन बिना जांच के अंदर कैसे प्रवेश कर गए और सीधे कोयला स्टॉक तक कैसे पहुंच गए। इस संबंध में खदान प्रबंधन कोई स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आ रहा है। मीडिया के सवालों पर भी वास्तविक तथ्यों को छुपाने के आरोप लग रहे हैं।
मामले को लेकर खदान के सब एरिया मैनेजर मयंक वर्मा का मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ बताया जा रहा है। वहीं खदान मैनेजर नितिन पारखी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन खदान परिसर में कैसे प्रवेश कर गए। उन्होंने बताया कि परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, जिससे ट्रकों के अंदर आने के समय और तरीके का पता लगाया जा सके।
माइनिंग सरदार सहित दो निलंबित
15 जनवरी को नियमविरुद्ध तरीके से कोयला लोड कर ट्रक बाहर निकलने के मामले में खदान प्रबंधन ने माइनिंग सरदार सूरज जायसवाल और जगदंबा सिंह को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए कर्मियों को निशाना बनाकर सारा दोष उन पर मढ़ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक खदानों में बूम बैरियर, सीसीटीवी निगरानी और तौल व्यवस्था अनिवार्य होती है। तौल के बाद ही कोयला लोडिंग की पर्ची जारी की जाती है।
ऐसे में बिना तौल और पर्ची के कोयला कैसे लोड हुआ और वाहन बूम बैरियर पार कर बाहर कैसे निकल गए—इसका संतोषजनक जवाब प्रबंधन के पास नहीं है।
भटगांव क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे कोयला और कबाड़ से जुड़े मामलों से इलाके में खलबली मची हुई है। स्थानीय स्तर पर अब पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।


