सुकमा

कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में थी और है-हरीश
20-Apr-2026 10:43 PM
कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में थी और है-हरीश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सुकमा, 20 अप्रैल। जिला मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी लखमा ने महिला आरक्षण बिल को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के समर्थन में पहले भी थी और वर्तमान में भी है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा हस्ताक्षरित होने के बाद यह कानून बन चुका है।

उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण से संबंधित नहीं था, बल्कि इसमें परिसीमन संशोधन और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानूनों में संशोधन के प्रावधान शामिल थे।

प्रेस वार्ता में तीन बिंदुओं के माध्यम से विधेयक का उल्लेख किया गया— 1. लोकसभा की सीटें 850 करने का प्रस्ताव, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रस्तावित थीं। 2. परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने का प्रावधान। 3. पांडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन का प्रस्ताव।

उन्होंने कहा कि विधेयक पारित नहीं हो सका क्योंकि विभिन्न राज्यों द्वारा परिसीमन के प्रावधानों पर आपत्ति जताई गई।

प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि यदि महिला आरक्षण लागू करना है तो वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है और इसके लिए परिसीमन का इंतजार आवश्यक नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि 2023 के अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जा सकता था।

प्रेस वार्ता में पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने के संबंध में पूर्व में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम में कांग्रेस के जिला एवं नगर स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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