सुकमा
खरीदी व्यवस्था पर जताई संतुष्टि
सुकमा, 11 दिसंबर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रभारी सचिव श्यामलाल धावड़े ने आज सुकमा जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर कलेक्टर गजेन्द्र सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे।
निरीक्षण की शुरुआत गादीरास धान उपार्जन केंद्र से हुई, जहां सचिव ने पंजीकृत किसानों की संख्या, अब तक हुई खरीदी, पिछले वर्ष के विक्रय आंकड़े, टोकन कटिंग, उठाव की स्थिति, मजदूरों का भुगतान, पर्याप्त बारदाना और तिरपाल उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर उपस्थित किसानों ने धान खरीदी की पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।
सुकमा केंद्र में किसानों से लिया सीधा फीडबैक
इसके बाद सचिव धावड़े सुकमा धान उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने धान खरीदी व्यवस्था का अवलोकन किया। झापरा निवासी किसा पोडियम जोगा ने सचिव को बताया कि समिति से टोकन प्राप्त करने के बाद केंद्र पहुंचते ही तत्काल बारदाना उपलब्ध हो गया और बिना किसी बाधा के उनका धान विक्रय संपन्न हो गया।
तोंगपाल केंद्र में टोकन लिमिट, भुगतान और सुविधा का जायजा
निरीक्षण के क्रम में सचिव ने तोंगपाल धान उपार्जन केंद्र का भी दौरा किया और पंजीकृत किसानों की संख्या, अब तक हुई खरीदी, कैरी फॉरवर्ड किसान नवीन पंजीयन, रकबा समर्पण तथा बारदाना उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
सचिव ने धान खरीदी के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश
सचिव धावड़े ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। किसानों को बारदाना समय पर उपलब्ध कराया जाए। डीईओ व उठाव संबंधित कार्य समयसीमा में पूर्ण किए जाएँ। किसानों के भुगतान में विलंब ना हो। जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाने के लिए किया गया यह व्यापक निरीक्षण प्रशासन की संवेदनशीलता, तत्परता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। इस दौरान एसडीएम सूरज कश्यप, पीवी खेस, जिला खाद्य अधिकारी रवि कोमरा, डीएमओ राजेंद्र ध्रुव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


