राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : भ्रष्ट की पकड़ और पहुंच
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : भ्रष्ट की पकड़ और पहुंच
28-Jun-2020 5:16 PM

भ्रष्ट की पकड़ और पहुंच 
जो अफसर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बावजूद ऊंचे पद पर बैठे होते हैं, वे चालाक और बेहद सतर्क भी रहते हैं। ये अफसर न सिर्फ अपने मंत्री बल्कि उनके निजी स्टॉफ को भी खुश कर चलते हैं। ऐसे अफसरों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर, शिकायत करना भी आसान नहीं रहता है। 

चालाक अफसर तकरीबन हर डिपार्टमेंट में हैं। ऐसा ही एक प्रकरण हेल्थ डिपार्टमेंट का है। यहां एक बड़े अफसर के खिलाफ कई तरह की जांच चल रही है। अफसर पर गिरफ्तारी की भी तलवार अटक रही है। मगर चर्चा है कि मंत्री के स्टॉफ के वरदहस्त के चलते अफसर का कुछ बिगड़ नहीं पा रहा है। यद्यपि हेल्थ मिनिस्टर टीएस सिंहदेव की पहचान एक भले नेता की है, लेकिन कई बार वे भी चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते। उन तक कई बार कोई गंभीर बात पहुंच नहीं पाती है। 

पिछले दिनों अफसर के खिलाफ शिकायतों का पुलिंदा लेकर कुछ कर्मचारी नेता हेल्थ मिनिस्टर के पास पहुंचे, वे शिकायतों का पुलिंदा सौंपने वाले थे कि इससे पहले ही अफसर का फोन कर्मचारी नेताओं के पास आ गया। मगर अफसर से परेशान हो चुके कर्मचारी नेताओं ने हेल्थ मिनिस्टर को शिकायत कर ही दी और साथ ही उनके स्टॉफ का हाल भी बता दिया कि किस तरह उनके शिकायत करने के पहले ही अफसर को इसकी जानकारी हो गई। सिंहदेव ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। देखना है अब आगे क्या होता है। 

इस फेहरिस्त में जल्द ही
खबर है कि कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ईडी के निशाने पर हैं। नेताजी सक्रिय राजनीति में आने से पहले नौकरशाह थे। तब के एक बड़े घोटाले में उनकी संलिप्तता की चर्चा रही है। वैसे तो प्रकरण की सीबीआई जांच कर रही है, लेकिन हाई प्रोफाइल प्रकरण होने के साथ-साथ जांच आहिस्ता-आहिस्ता चलते रही। यद्यपि जांच अभी तक किसी किनारे नहीं पहुंच पाई है। 

नेताजी के मोदी सरकार के खिलाफ तीखे तेवर रहे हैं। अब उन्हें आक्रामक तेवर का खामियाजा उठाना पड़ सकता है। चर्चा है कि घोटाले के पुराने प्रकरण की जांच में अब ईडी भी कूद सकती है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता पी चिदम्बरम, अहमद पटेल पहले ही  ईडी की जांच झेल रही हैं। इस फेहरिस्त में जल्द ही प्रदेश संगठन जुड़े इस दिग्गज का नाम भी आ जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। 

पुलिस में गुमनाम चिट्ठी
कई बार कोई गुमनाम चिट्ठी सर्कुेलेशन में आती है उसके बाद लोग अटकलें लगाते हैं कि लिखने वाले कौन होंगे। छत्तीसगढ़ के पुलिस महकमे के सबसे बड़े अफसरों में से एक के बारे में ऐसी चिट्ठी घूम रही है, लेकिन जहां चिट्ठी नहीं पहुंची है, वहां भी उसकी चर्चा पहले पहुंच गई है। जिनके पास चि है उनके मुताबिक इसे ठीक-ठाक अंग्रेजी में लिखा गया है, और इसमें एक बड़े अफसर पर बुरी तोहमतें लगाई गई हैं। 

गुमनाम चिट्ठी की तोहमत को अधिक महत्व नहीं देना चाहिए, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि बेहतर इंग्लिश से शक का दायरा बड़ा छोटा हो गया है कि इसेे किसने लिखा होगा। गिने-चुने नाम सामने आ रहे हैं, और बड़ी अटकल इस बात पर लग रही है कि यह अकेले लिखा गया है या मिलकर लिखा गया है? मिलकर लिखा गया है तो इसमें कौन-कौन शामिल होंगे? वक्त ऐसा आ गया है कि तोहमतों की चर्चा नहीं, उन्हें लगाने वाले गुमनाम चेहरों की ही अधिक चर्चा है। (rajpathjanpath@gmail.com)

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