सारंगढ़-बिलाईगढ़
सारंगढ़, 25 जुलाई। कोदवा के निलंबित सरपंच के विरुद्ध 17.36 लाख रूपए गबन पर वसूली नोटिस जारी किया गया है।
एसडीएम बिलाईगढ़ डॉ. स्निग्धा तिवारी ने कहा कि कोदवा के निलंबित सरपंच दिव्या रत्नाकर द्वारा एसडीएम ऑफिस आकर सरपंच पद पर बहाल करने के लिए मुझसे बात किया गया तथा मेरे द्वारा बतायें जाने पर कि आयुक्त के आदेशानुसार यथास्थिति रखा जाना है। अत: बहाली सम्भव नहीं, उनके द्वारा मेरे साथ दुव्र्यवहार किया गया। एसडीएम ने बहाली संभव नहीं हो पाने की बात निलंबित कोदवा सरपंच को बतायी, जिसके विरूद्ध में कोदवा के निलंबित सरपंच द्वारा एसडी एम बिलाईगढ़ पर अनर्गल आरोप लगाया जा रहा है।
एसडीएम बिलाईगढ़ के अनुसार ग्रामीणों की शिकायत पर माह फरवरी 2024 में मेरे द्वारा कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम कोदवा का निरीक्षण किया गया। जहां सरपंच द्वारा शा. तालाब के पार को काटकर मिट्टी निजी भूमि में डंप करना तथा तालाब किनारे लगभग 173 पेड़ों की अवैध कटाई किया जाना पाया गया।
तत्पश्चात् मेरे द्वारा पंचायती राज अधिनियम की धारा 39 अंतर्गत कार्रवाई करते हुए दिनाँक 05 फरवरी 24 को सरपंच को निलंबित किया। अनुविभागीय अधिकारी (रा) न्यायालय के आदेश की पुष्टि न्यायालय कलेक्टर के आदेश दिनाँक 10 जून 24 द्वारा भी की गई।
ज्ञात हो कि कलेक्टर के आदेश के विरुद्ध निलंबित सरपंच कोदवा द्वारा आयुक्त बिलासपुर संभाग के पास पुनरीक्षण प्रस्तुत किया गया। अपर आयुक्त बिलासपुर के आदेश दिनाँक 16 जुलाई 24 में एसडीएम एवं कलेक्टर न्यायालय के उक्त आदेश के क्रियान्वयन पर आगामी सुनवाई तिथि तक रोक लगाई गई है। जिसकी कॉपी निलंबित सरपंच द्वारा एसडीएम ऑफिस में उपलब्ध कराकर बहाली की मांग की गई, किन्तु उसी दिन सरपंच को मौखिक रूप से एवं लिखित में जानकारी दी गई कि उक्त आदेश का क्रियान्वयन माह फरवरी 24 में किया जा चुका है। इस संबंध में जानकारी आयुक्त कार्यालय बिलासपुर को भी प्रेषित की गयी है। कोदवा के निलंबित सरपंच के विरुद्ध 17.36 लाख रूपए के गबन की रिपोर्ट भी सीईओ जपं बिलाईगढ़ द्वारा दी गई है, जिसमें वसूली प्रकरण चल रहा है जिसमें निलंबित सरपंच को विगत दिनों नोटिस जारी किया गया है। उक्त संबंध में भी सरपंच पति द्वारा कार्यालय में आकर दुव्र्यवहार किया गया।


