सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़ बिलाईगढ़, 14 जुलाई। तीन नये कानून का समाज में व्यापक जनजागरूकता के लिए गुरुवार को एसपी ऑफिस में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
एएसपी कमलेश्वर चंदेल ने कहा कि देश में 1 जुलाई 2024 से नया कानून प्रभावशील हो गया है। नवीन कानून के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग एवं एक दिवसीय कार्यशाला इत्यादि के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। साथ ही नये कानून के प्रति व्यापक जनजागरूकता निर्मित करने के लिए मीडिया की अहम भूमिका है, जो मीडिया के विभिन्न माध्यम से लोगों तक नये कानून के संबंध में जागरूकता ला सकती है। इसे मद्देनजर रखते हुए शासन के निर्देशानुसार यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
कार्यशाला में एएसपी ने कहा कि भारतीय मूल्यों पर आधारित ये नये कानून दंडात्मक से न्याय-उन्मुख दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत है जो भारतीय न्याय व्यवस्था को प्रतिबिंबित करता है। इसका मुख्य लक्ष्य ऐसी आपराधिक न्याय प्रणाली बनाना है जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने सहित कानूनी व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाती है। जिससे सभी के लिए सुलभ एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सके। इस बदलाव से अपराधियों के खिलाफ एफआईआर करने में दिक्कत नहीं होगी तथा गंभीर अपराधियों के विरुद्ध प्रक्रिया का पालन करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रकरणों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित किया गया है। पीडि़त पक्ष को ध्यान में रखा गया है। पीडि़त पक्षकार को ई-साक्ष्य, जीरो-एफआईआर और ई-एफआईआर से राहत मिलेगी। पीडि़त पक्ष को न्याय जल्दी मिलेगा। यह कानून सभी नागरिकों तक पहुंच सके, इसके लिए विभिन्न माध्यमों से लगातार जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि ई-एफआईआर के लिए फोन, ई-मेल, व्हाट्सएप के माध्यम से अपराध घटित होने की सूचना दे सकते हैं। अब इसके लिए जवाबदेही तय हो जाएगी। प्रार्थी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित थाने में जाकर हस्ताक्षर कर एफआईआर दर्ज करानी होगी। थाना प्रभारी या विवेचक को जांच की जरूरत लगने पर एसडीओपी या सीएसपी की लिखित अनुमति के बाद जांच होगी। झूठी शिकायत से बचने के लिए तीन दिवस में पुलिस अधिकारी जांच करेंगे तथा गंभीर मामला होने पर एफआईआर दर्ज होगी तथा विधिवत प्रकरण की विवेचना की जाएगी। यह महत्वपूर्ण है कि डिजिटल फॉर्म में शिकायतों को लेने से विश्वसनीयता बढ़ेगी। प्रकरणों के निराकरण के लिए नये कानूनों में समयावधि निर्धारित की गई है, जिससे जवाबदेही के साथ मामलों का निराकरण हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आईपीसी में 20 नए अपराध जोड़े गए हैं कई अपराधों के लिए अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 6 छोटे अपराध से जुड़े आरोपियों के सुधार के लिए सामाजिक सेवा का प्रावधान किया गया है। कई अपराधों में जुर्माना वृद्धि सहित सजा की अवधि बढ़ाई गई है।
उन्होंने नये कानून के धाराओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में मीडिया प्रतिनिधियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों सहित प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित थे।


