राजपथ - जनपथ

राजपथ-जनपथ : बैंकों में मनोनयन के राज
19-Dec-2025 6:06 PM
राजपथ-जनपथ : बैंकों में मनोनयन के राज

बैंकों में मनोनयन के राज

सरकार ने सहकारिता चुनाव की अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है, और जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। खास बात ये है कि राज्य बनने के बाद अब तक सिर्फ दो बार ही सहकारी संस्थाओं के चुनाव हुए हैं। अब तक सहकारी संस्थाओं में मनोनयन ही होता आया है। जबकि सरकार ने सहकारी संस्थाओं के चुनाव के लिए आयोग बनाया है।

सरकार ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के अध्यक्ष, और उपाध्यक्ष की सूची जारी की है। पार्टी ने स्थानीय समीकरण को ध्यान में रखकर नियुक्तियां की है। ये अलग बात है कि रायपुर और बिलासपुर को छोडक़र बाकी बैंक घाटे में चल रहे हैं। रायपुर में धमतरी जिले के सीनियर भाजपा नेता निरंजन सिन्हा को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि उपाध्यक्ष अनिमेष कश्यप (बॉबी) की नियुक्ति की गई है। अनिमेष रायपुर जिला ग्रामीण अध्यक्ष रह चुके हैं।

दुर्ग जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पद पर प्रीतपाल बेलचंदन  की नियुक्ति की गई है। प्रीतपाल पहले भी जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्हें अध्यक्ष बनाने के लिए सांसद विजय बघेल ने जोर लगाया था। इससे परे बेलतरा के पूर्व विधायक रजनीश सिंह को बिलासपुर ग्रामीण जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया गया।

रजनीश, उन 15 विधायकों में से थे जो 2018 में कांग्रेस की लहर में जीतकर आए थे। इनमें से दो विधायक रजनीश सिंह, और डमरूधर पुजारी को टिकट नहीं दी गई थी। बावजूद इसके रजनीश सिंह पार्टी संगठन का काम करते रहे। उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी मिलने की चर्चा थी। आखिरकार जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया गया।

राजनांदगांव से सचिन सिंह बघेल पहले भी अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके नाम की स्पीकर डॉ.रमन सिंह ने सिफारिश की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद पर भरत वर्मा की नियुक्ति की गई, जो कि डोंगरगांव सीट से विधानसभा का चुनाव मामूली वोट हार गए थे। भरत वर्मा प्रदेश भाजपा के महामंत्री रहे हैं। इससे परे रामकिशुन सिंह को सरगुजा जिला सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया गया है। रामकिशुन सिंह बलरामपुर-रामानुजगंज जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। इससे परे जगदलपुर जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष पद पर दिनेश कश्यप की नियुक्ति की गई है।

दिनेश, संसदीय कार्यमंत्री केदार कश्यप के बड़े भाई हैं। दिनेश बस्तर से सांसद रह चुके हैं। उपाध्यक्ष पद पर श्रीनिवास मिश्रा की नियुक्ति की गई है। उनके लिए प्रदेशाध्यक्ष किरणदेव ने सिफारिश की थी। संकेत है कि कुछ और सहकारी संस्थाओं में नियुक्तियां हो सकती है।

विनोद शुक्ल की सेहत पर चिंता

हिंदी साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर और ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता 88 वर्षीय विनोद कुमार शुक्ल इस समय स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्या के चलते रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं। दिसंबर 2025 की शुरुआत में उनकी तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें आईसीयू में रखा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व महाधिवक्ता और साहित्यकार कनक तिवारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में शुक्ल की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि बेहतर उपचार के लिए उन्हें मुंबई या किसी अन्य उन्नत केंद्र में भेजा जाए। तिवारी ने दिल्ली की ठंड और प्रदूषण को असुविधाजनक बताते हुए मुंबई को बेहतर विकल्प माना है। उन्होंने कई साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा अपनी बीमारी में दी गई असाधारण मदद का उदाहरण देते हुए सरकार से उसी तरह की सक्रियता की उम्मीद की है। तिवारी ने अपनी पोस्ट में एम्स रायपुर की सुविधाओं पर सवाल उठाया है। परिवार के सदस्यों को जमीन पर सोने जैसी शिकायतों का भी उल्लेख है, इसे उन्होंने एम्स प्रशासन के लिए शर्मनाक बताया है। वैकल्पिक रूप से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाने का सुझाव भी उन्होंने दिया है।

मालूम हो कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 9 दिसंबर  को एम्स रायपुर पहुंचकर शुक्ल से मुलाकात की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी 17 दिसंबर को अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी।

आज की पीढ़ी को बता दें कि विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढिय़ा मूल के हिंदी के पहले ज्ञानपीठ विजेता हैं। उनकी रचनाएं -नौकर की कमीज और दीवार में एक खिडक़ी रहती थी सरल भाषा में गहन संवेदना के लिए दुनिया भर में विख्यात हैं। साहित्य जगत में उनके स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चिंता है, और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।


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