राजपथ - जनपथ
अफसरों की ट्रेनिंग
दो आईपीएस त्रिलोक बंसल और विवेक शुक्ला माहभर की ट्रेनिंग पर जाएंगे। सोमवार को दोनों को हैदराबाद स्थित नेशनल पुलिस एकेडमी में रिपोर्ट करना है। दोनों फेस-3 की ट्रेनिंग में शामिल होंगे। बंसल वर्तमान में एसटीएफ के एसपी हैं।
इससे परे आईपीएस चिराग जैन और संदीप पटेल वर्तमान में हैदराबाद एकेडमी में फाउंडेशन कोर्स कर रहे हैं। उधर बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर भी महीनेभर के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं। उनकी जगह आईपीएस मनोज खिलाड़ी को बलरामपुर का प्रभार सौंपा गया है।
आईपीएस अवार्ड होने के बाद यह पहला मौका है, जब खिलाड़ी को किसी जिले का प्रभार सौंपा गया है। अगले महीने एक-दो और अफसर ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जाएंगे।
दो नाराज एक साथ!
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल शुक्रवार को कोरबा में थे, और वो कई कार्यक्रमों में शरीक हुए। इन सबके बीच वो नाराज चल रहे पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर से भी मिलने गए। दोनों के बीच करीब आधे घंटे चर्चा हुई।
कंवर ने कोरबा कलेक्टर को हटाने की मुहिम छेड़ रखी है। उन्होंने अपनी ही सरकार को कटघरे पर खड़ा कर दिया था। पूर्व मंत्री के तेवर देखकर सरकार को कोरबा कलेक्टर के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए समिति बनानी भी पड़ी। चर्चा है कि पार्टी संगठन के प्रमुख नेता, कंवर के तेवर से नाखुश चल रहे हैं। सीएम और दोनों डिप्टी सीएम, कोरबा आते-जाते रहे हैं, लेकिन उनकी कंवर से मुलाकात नहीं हुई। इन सबके बीच सांसद बृजमोहन अग्रवाल कंवर के घर गए, तो इसकी पार्टी के अंदरखाने में काफी चर्चा है।
संगठन सृजन या व्यक्तिवाद
संगठन सृजन अभियान चलाकर कांग्रेस ने 41 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की, और शुक्रवार की रात सूची जारी की गई। जिलाध्यक्षों के चयन में प्रमुख नेता पूर्व सीएम भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत, और पूर्व डिप्टी सीएम टी.एस.सिंहदेव विशेषकर अपने-अपने इलाकों में पसंद का अध्यक्ष बनवाने में कामयाब रहे। दिग्गजों के लिए तो हाईकमान ने कुछ जगहों पर क्राइटेरिया को भी शिथिल कर दिया।
मसलन, अंबिकापुर में बालकृष्ण पाठक को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। पाठक तीसरी बार अध्यक्ष पद पर काबिज हुए हैं। उन्हें अध्यक्ष की दौड़ से बाहर माना जा रहा था, लेकिन टी.एस. की जिद पर पाठक को अध्यक्ष बनाया गया। इसी तरह पूर्व सीएम भूपेश बघेल दुर्ग शहर जिला, ग्रामीण और भिलाई शहर सहित कई जगहों पर अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाने में कामयाब रहे। भिलाई शहर से मुकेश चंद्राकर को फिर अध्यक्ष बनाया गया।
कहा जा रहा है कि चंद्राकर के नाम पर स्थानीय विधायक देवेन्द्र यादव सहमत नहीं थे। एक तर्क और दिया गया था कि मुकेश विधानसभा चुनाव में वैशाली नगर सीट से करीब 40 हजार से अधिक वोटों से हारे हैं। मगर पूर्व सीएम की अनुशंसा पर फिर मुकेश के नाम पर मुहर लगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत विशेषकर बिलासपुर संभाग के जिलों में अपनी पसंद का अध्यक्ष बनवाने में कामयाब रहे। अलबत्ता, बिलासपुर शहर, और ग्रामीण से विधायक देवेन्द्र यादव की सिफारिश मानी गई है। बिलासपुर जिला ग्रामीण से महेन्द्र गंगोत्री को अध्यक्ष बनाया गया है।
डॉ.महंत पहले आशीष सिंह ठाकुर के नाम पर जोर दे रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें महेन्द्र गंगोत्री के नाम पर सहमत होना पड़ा। पूर्व मंत्री उमेश पटेल रायगढ़ शहर और ग्रामीण से अपनी पसंद पर मुहर लगवाने में कामयाब रहे। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की ज्यादा तो नहीं चली, लेकिन वो भी जगदलपुर शहर, और एक-दो जगहों पर अपनी बात मनवाने में सफल रहे। 41 जिलों में एक जिले महासमुंद में विधायक द्वारिकाधीश यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। बाकी किसी भी जिले में विधायक को संगठन की कमान नहीं दी गई है। चर्चा है कि महासमुंद जिलाध्यक्ष के लिए काफी खींचतान थी, और पूर्व प्रत्याशियों ने एक राय होकर द्वारिकाधीश का नाम दिया जिसे मान लिया गया। कुल मिलाकर हाईकमान को कार्यकर्ताओं की राय के बजाय दिग्गजों की पसंद को महत्व देना पड़ा।
शिक्षक का पशु प्रेम..

कुत्तों की निगरानी और गिनती की ड्यूटी में लगाए जाने से नाराज शिक्षकों का गुस्सा सोशल मीडिया पर भी फूट पड़ा है। एक रील इंस्टाग्राम और एक्स पर छाया हुआ है। इसमें कॉपी कलम लिए, शर्ट, पैंट पहना व्यक्ति काले, सफेद भूरे रंग के कुत्तों का पीछा करता है। ज्यादातर कुत्ते दुम दबाकर भाग रहे हैं, पर एक भूरे रंग का कुत्ता उसकी पकड़ में आ जाता है। उसे पुचकारते हुए वह व्यक्ति कुत्ते से बात कर रहा है। जरा अपना हुलिया ठीक से बता दो, कितने बाल-बच्चे हैं, ये बता दो.., आधार नंबर और मोबाइल नंबर हो तो वह भी दे दो, मैं सब नोट कर लूं, तुम्हारे कारण मेरी नौकरी खतरे में पड़ गई है...।
बेकसूर 60 बच्चों को सजा क्यों दी जा रही?
सूरजपुर जिले के नारायणपुर स्थित हंसवाहिनी विद्या मंदिर को बीच सत्र में ही बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। स्कूल में नर्सरी में पढऩे वाले चार वर्षीय बच्चे को होमवर्क नहीं करने पर पेड़ के ऊपर टी-शर्ट बांधकर लटका देने की घटना सामने आई थी। निजी और सरकारी स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन किस तरह से होता है, वह आजकल शिक्षा विभाग को सोशल मीडिया पर वीडियो चल जाने पर ही पता चलता है। कोई गलत अंग्रेजी पाठ पढ़ा रहा है, कोई शराब पीकर पहुंच रहा है, कोई शिक्षक बच्ची को सरेआम थप्पड़ मारकर इतना अपमानित करता है कि उसे आत्मघाती कदम उठाना पड़ जाता है। स्कूल का संचालक ही बच्चियों से छेड़छाड़ कर रहा है। सब घटनाएं, नागरिकों की ओर से सामने लाई जा रही है।
नारायणपुर स्कूल के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। जिस शिक्षिका को इस निजी स्कूल में पढ़ाने के लिए रखा गया है, वह 18 साल की नहीं है। सवाल उठता है कि 18 साल की उम्र से पहले उसे स्कूल प्रबंधन ने नौकरी पर कैसे रख लिया? अफसरों ने कब निरीक्षण किया और इसे मान्यता कब दे दी? क्या उन पर कोई कार्रवाई की गई जो घटना के पीछे जिम्मेदार हैं। शिक्षा विभाग ने घटना सामने आपने पर स्कूल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज कराई है, मगर साथ में उन्होंने स्कूल की मान्यता रद्द कर दी। शायद उच्चाधिकारियों को और हाईकोर्ट को ( जहां इस मामले का संज्ञान लिया गया है) को यह बताने के लिए कड़ी कार्रवाई की गई है। मगर बीच सत्र में स्कूल बंद कर देने से उन 60 से अधिक बच्चों का क्या होगा, जो यहां पढ़ रहे हैं। इनकी फीस वापस की जाएगी और दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दूसरा स्कूल ढूंढा जा रहा है। उस ढूंढे जाने वाले स्कूल में अपने छोटे-छोटे बच्चों को अभिभावक भेजना चाहेंगे? वह स्कूल सरकारी होगा या प्राइवेट। सरकारी स्कूलों की अव्यवस्था के चलते ही निजी स्कूल में बच्चों को भेजने वाले अभिभावक क्या करेंगे यदि सरकारी स्कूल में भेजा गया। अभिभावकों ने शासन के आदेश को बेतुका बताया है और कहा है कि स्कूल का संचालन इस सत्र के अंत तक विभाग को अपने हाथ में ले लेना चाहिए, मगर बंद मत करे। अगले सत्र में वे दूसरा स्कूल ढूंढ लेंगे। स्थानीय विधायक भूलन सिंह मरावी ने भी मांग रखी है कि स्कूल बंद मत करें। मगर, विभाग ने घटना सामने आने के बाद तत्काल मान्यता रद्द कर दी है और इसकी जानकारी भी डीपीआई को भेज दी है। हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगी ही है, स्कूल बंद होने से प्रभावित बच्चों के अभिभावक भी हस्तक्षेप कर सकते हैं और अपने बच्चों का भविष्य खराब करने के लिए शिक्षा विभाग से मुआवजे की मांग कर सकते हैं।


