राजनांदगांव
अब 80 फीसदी ऑक्सीजन गैस राज्य के अस्पतालों को मिलेगा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 12 अप्रैल। कलेक्टर टीके वर्मा ने रविवार को दिग्विजय स्टेडियम स्थित सेंटर वार रूम (कंट्रोल रूम) में कोविड-19 लॉकडाउन के संबंध में गहन समीक्षा की। कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम में सेंटर वार रूम का गठन किया गया। कलेक्टर द्वारा लॉकडाउन की समीक्षा, कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्य, वैक्सीनेशन एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अंतर्विभागीय समन्वय के लिए नियमित रूप से बैठक ली जा रही है।
कलेक्टर ने कहा कि राज्य में उत्पादित होने वाली आक्सीजन का 80 प्रतिशत अब मेडिकल आक्सीजन गैस के रूप में राज्य के अस्पतालों को प्रदान किया जाएगा। राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते अस्पतालों में आक्सीजन की आवश्यकता को देखते मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी अधिनियम के तहत इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अत्यंत आवश्यक स्थिति में उद्योगों को प्रदान की जाने वाली 20 प्रतिशत आक्सीजन भी अस्पतालों को प्रदान की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को ऑक्सीजन की आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रेल यात्रा के माध्यम से प्रदेश में आने वाले यात्रियों के लिए कोविड टेस्ट के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया गया है। जिसका कड़ाई से पालन करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए रेल यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले सभी यात्रियों की कोरोना जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने से पूर्व 72 घंटे के भीतर कराए गए कोरोना जांच टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य होगा। जारी दिशा-निर्देश के अनुसार ऐसे यात्री जिनके पास निर्धारित समयावधि की कोरोना जांच टेस्ट रिपोर्ट नहीं होगी, उनकी कोविड जांच रेलवे स्टेशन पर की जाएगी। कोविड टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर उन्हें संस्थागत क्वारेनटाइन, कोविड केयर सेंटर, अस्पताल में रखा जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को ट्रेन के समय के अनुसार कोविड-19 टेस्ट के लिए टीम की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। वहीं व्यवस्था के लिए रेल्वे पुलिस की ड्यूटी रहेगी।
गांवों के लिए सरपंच लेंगे जिम्मेदारी
कलेक्टर श्री वर्मा ने सोमनी में बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर में मेडिकल कॉलेज एवं नर्सिंग कॉलेज से पैरामेडिकल स्टॉफ की सेवाएं ले सकते हंै। मानव संसाधन की कमी को दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गांव में यह देखना है कि सभी अनुशासन बनाए रखें एवं कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। सरपंच यह जिम्मेदारी लें। सेनेटाइजेशन करने के लिए ड्यूटी लगाए। जिले में वैक्सीनेशन बढ़ाने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर बढ़ाने की जरूरत है। कोविड संक्रमण से हुई मृत्यु के बाद शव के प्रबंधन में दिक्कत आ रही है। उन्होंने पीपीई कीट पहनकर प्रोटोकॉल के अनुसार शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। कव्हर की व्यवस्था करने के साथ ही पर्याप्त स्टाफ रखें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मृत्यु होने पर संबंधित थानों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल का होना आवश्यक है।
इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के निर्देश
कलेक्टर ने रेमडीशिविर इंजेक्शन की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। शासकीय मेडिकल कालेज के अरविंद चौधरी ने बताया कि शीघ्र ही रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हो जाएगा और स्टॉक में भी उपलब्ध है। कलेक्टर ने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी न हो और उचित कीमत पर उपलब्ध हो तथा लोगों को आसानी से मिल जाए। उन्होंने दवाईयों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने उप पुलिस अधीक्षक कविलाश टंडन को वैक्सीनेशन में ड्यूटी करने वालों को अनुमति देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय मेडिकल कॉलेज में 10 वेंटिलेटर रात तक पहुंच जाएगा। उन्होंने चौधरी को वेंटिलेटर लगाने के कार्य को शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कोविड केयर सेंटर बढ़ाने तथा मानव संसाधन की व्यवस्था करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए।
गांवों में लगाए वैक्सीनेशन सत्र
जिला पंचायत सीईओ अजीत वसंत ने कहा कि वैक्सीनेशन का कार्य महत्वपूर्ण है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल कुमरे ने कहा कि 200 से 300 की बड़ी जनसंख्या वाले गांव में वैक्सीनेशन के लिए सत्र लगाए। बीएमओ एवं सीएमओ ऐसे गांव का चिन्हांकन करें एवं योजनाबद्ध तरीके से रोस्टर बनाकर कार्य करें। नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी ने नगर पालिक निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।


