राजनांदगांव

मुठभेड़ में जख्मी डीवीसी मेम्बर को मरने छोड़ भागे नक्सली
12-Apr-2021 1:44 PM
मुठभेड़ में जख्मी डीवीसी मेम्बर को मरने छोड़ भागे नक्सली

मानवता दिखाते महाराष्ट्र पुलिस ने घायल नक्सली का नागपुर में कराया इलाज, काटना पड़ा दाहिना पैर

प्रदीप मेश्राम
राजनांदगांव, 12 अप्रैल (‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता)।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में करीब पखवाड़ेभर पहले पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ के बाद एक डीवीसी स्तर के मेम्बर को नक्सली जख्मी हालत में मरने छोड़ भाग खड़े हुए। दरअसल नक्सलियों का 29 मार्च को गढ़चिरौली के खोब्रामेढा जंगल में  पुलिस से मुठभेड़ हुआ था। इस मुठभेड़ में गढ़चिरौली के सी-60 फोर्स के जवानों ने 5 नक्सलियों को मार गिराया था। पुलिस के पास अंदरूनी सूचना थी कि मुठभेड़ में कुछ नक्सली घायल हुए हैं। खोब्रामेढ़ा के जंगल में हुई मुठभेड़ के बाद जख्मी नक्सलियों की पतासाजी के लिए पुलिस सूचनाओं के आधार पर आसपास के इलाकों में सर्चिंग अभियान चला रही थी। इसी बीच 6 अप्रैल को कटेझरी गांव के ग्रामीण गणेश कोले के घर पुलिस को टीपागढ़ दलम के डीवीसी मेम्बर किशोर कवड़ो उर्फ गोंगलू के घायल हालत में मौजूदगी की खबर मिली। 

बताया जाता है कि पुलिस ने ग्रामीण के घर धावा बोलकर डीवीसी मेम्बर किशोर को हिरासत में लिया।  उक्त ग्रामीण नक्सलियों का कट्टर समर्थक माना जाता है। पुलिस ने ग्रामीण के खिलाफ भी कार्रवाई की है। मुठभेड़ में डीवीसी मेम्बर के दाहिने पैर में गोली लगी थी। घायल हालत में वह चोरी-छुपे गांव में ही इलाज करा रहा था। समुचित इलाज नहीं होने के कारण उसके पैर में संक्रमण फैल गया। पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद उसे नागपुर में उपचारार्थ भर्ती किया गया। संक्रमण होने के चलते चिकित्सकों को उसके पैर को काटना पड़ा। 

बताया जा रहा है कि किशोर गढ़चिरौली के ही एटापल्ली का रहने वाला है। नक्सल मामलों में वह काफी वांछित रहा है। उस पर 16 लाख रुपए का ईनाम घोषित था। इसके अलावा 22 मुठभेड़ में वह प्रत्यक्ष रुप से शामिल रहा है। साथ ही 8 लोगों की हत्या में भी वह शामिल रहा है। बताया जा रहा है कि गढ़चिरौली पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए उसकी जान बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। इस बीच नक्सलियों द्वारा डीवीसी स्तर के साथी को घायल हालत में छोडक़र चले जाने से भी नक्सलियों की दोहरी नीति का पर्दाफाश हुआ है। 

इस संबंध में गढ़चिरौली डीआईजी संदीप पाटिल ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि पुलिस ने घायल नक्सली को नागपुर स्थित एक हायर मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया है। उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। डीआईजी पाटिल ने घायल साथी को छोडक़र भागने को नक्सलियों का असली चेहरा करार दिया है। उनका कहना है कि लोगों को यह बात समझनी होगी। नक्सली अपने ही साथियों को मरने के लिए छोड़ रहे हैं।


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