राजनांदगांव

5 माह लॉकडाउन के बाद भी पंजीयन विभाग ने किया 72 फीसदी कारोबार
16-Mar-2021 1:30 PM
5 माह लॉकडाउन के बाद भी पंजीयन विभाग ने किया 72 फीसदी कारोबार

   20 अप्रैल से मार्च के दूसरे सप्ताह तक 52 करोड़ का मिला राजस्व   

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 16 मार्च।
कोरोनाकाल के विषम दौर में खड़ी आर्थिक चुनौतियों को पार कर पंजीयक विभाग ने सरकार के खाते में आधा अरब रुपए की रकम जुटाई है। गुजरे साल में लॉकडाउन के चलते करीब 5 माह तक जमीन की खरीदी-बिक्री नहीं होने के बावजूद पंजीयक अमले ने तय लक्ष्य की तुलना में 72 फीसदी कारोबार किया है। उक्त कारोबार से सरकार को 52 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार ने राजनांदगांव पंजीयक विभाग को 2020-21 में 71 करोड़ 96 लाख रुपए का लक्ष्य दिया था। मार्च के दूसरे सप्ताह तक 52 करोड़ 84 लाख रुपए कारोबार के जरिये सरकार के खाते में रकम जमा हुई है। बताया जा रहा है कि गत् वर्ष की तुलना में उक्त राशि में आंशिक कमी आई है। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण जमीन जायदाद की खरीदी-बिक्री बंद पड़ी हुई थी। 

कोरोना के चलते स्थानीय पंजीयक कार्यालय में कामकाज ठहर गया था। जुलाई-अगस्त के बाद चुनिंदा लोगों को ही निर्धारित समय के आधार पर ही पंजीयन कराने की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद कारोबार में आंशिक असर पड़ा है। बीते साल 2020 के मार्च महीने तक 46 करोड़ रुपए का राजस्व पंजीयन विभाग को मिला था। इस लिहाज से मौजूदा मार्च के  महीने में 7 करोड़ की बढ़ोत्तरी के साथ 52 करोड़ रुपए की राशि पंजीयन शुल्क के तौर पर सरकार के खाते में जमा हुई।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के 9 ब्लॉकों में अब तक 2339 लोगों ने प्रापर्टी बेची और खरीदी है।  बीते साल यह आंकड़ा मात्र 1273 था। चालू माह में  1066 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्री कराई। अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच 15195 लोगों ने संपत्ति बेचने और खरीदने में सरकार को पंजीयन शुल्क के तौर पर मोटी रकम दी है। अप्रैल 2019 से मार्च 2020 तक 12770 ने जायदाद बेचने के लिए पंजीयन कराया। यानी 2425 ने अतिरिक्त रजिस्ट्री कराई। 

इस संबंध में जिला पंजीयक अधिकारी प्रियंका श्रीरंगे ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कारोबार हुआ है। सरकार को पंजीयक शुल्क से अच्छी कमाई हुई है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता था, लेकिन कोरोना की पाबंदियों के कारण पंजीयन बंद था, इसके बावजूद अच्छी आय विभाग को हुई है।
 
उधर जिले में सबसे ज्यादा राजनांदगांव ब्लॉक ने   सर्वाधिक 32 करोड़ 93 लाख का कारोबार किया है। सबसे कम मोहला ब्लॉक से मात्र 57 लाख रुपए की आय हुई है। दूसरे सर्वाधिक आय के मामले में खैरागढ़ ब्लॉक ने 5 करोड़ 78 लाख रुपए सरकार के खाते में जमा किए हैं। इसी तरह डोंगरगांव ने तीसरे नंबर में रहते हुए 3 करोड़ 39 लाख रुपए की कमाई की। डोंगरगढ़ से 2 करोड़ 43 लाख, छुरिया से 2 करोड़ 24 लाख, अंबागढ़ चौकी ब्लॉक से एक करोड़ 61 लाख, छुईखदान से एक करोड़ 54 लाख तथा गंडई से एक करोड़ 51 लाख रुपए का राजस्व विभाग ने बतौर शुल्क  लिया है। कुल मिलाकर कोरोनाकाल में विभाग को राजस्व जुटाने के लिए सीमित समय मिला। विभाग ने कम महीनों में अच्छा आय सरकार के लिए जुटाया।


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