राजनांदगांव
बोलबम की गूंज के साथ दिनभर धार्मिक आयोजन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 11 मार्च। महाशिवरात्रि पर्व पर गुरुवार को शिवालयों में सुबह से ही भक्तों द्वारा जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। वहीं बोलबम की गंूज के साथ दिनभर धार्मिक आयोजन भी होते रहे। वहीं कांवरिये बोल बम की जयघोष करते शिवालयों में पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया। कांवरिये बोलबम का जयकारा करते नदी और सरोवरों से जल लेकर मंदिरों का रूख किया और सुबह जलाभिषेक करते पूजा-अर्चना की।
गुरुवार को जिले समेत शहर के मंदिरों में सुबह से ही घंटियों के साथ ही महादेव की जयघोष होते रहे। इसके अलावा मंदिर परिसरों समेत अन्य स्थानों में भक्तिमय माहौल निर्मित रहा। सुबह से ही श्रद्धालुगण मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा व शिवलिंग में जल, दुग्धाभिषेक, बेलपत्ता, धतुरा सहित अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित कर खुशहाली की कामना की। इधर घरों में भी भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर प्रवचन का भी दौर चलता रहा। इसके अलावा जिले के अंचल क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व पर मंडई मेला का आयोजन भी किया जा रहा है। जिसके लिए ग्रामीणों ने पूर्व से ही तैयारियां शुरू की। इधर मंडई मेला में दुकान लगाने वाले व्यापारियों का भी रेला मंडई में बिक्री के लिए पहुंचने लगे थे।
महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष प्रवचन के आयोजन के साथ-साथ भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर विशेष आराधना कर मनवांछित फल के लिए माथा टेका। शहरभर के मंदिरों में आज सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। भगवान शिव की आराधना के लिए महिलाओं से लेकर हर तबके ने जल, धतूरे और फूल, दूध का भोग लगाया। भगवान शिव की विशेष कृपा हासिल करने के लिए लोगों ने आज कठिन व्रत रखा। वहीं कुछ महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। पर्व के अवसर पर शहरभर के अलग-अलग क्षेत्रों में भंडारा का भी आयोजन किया गया। दानस्वरूप लोगों ने मंदिरों में रुपए से लेकर अन्य सामानों का दान किया। खुले मन से भक्तों ने मंदिरों के सामने भिक्षुओं को दान भी दिए।
पर्व के अवसर पर महिलाओं सहित युवतियों के अलावा पुरूष वर्ग ने भी मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा व शिवलिंग पर दूध, बेलपत्ता, धतुरा सहित अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित कर रहे हैं। आज शिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिरों में घंटियों की गंूज सुबह से ही बज रही है। वहीं हर-हर महादेव की जयघोष भक्तों द्वारा लगाए जा रहे हैं। शहर के मंदिरों में भक्तिमय गीत से नगर भक्तिमय बना हुआ है। शहर के प्रमुख मंदिरों में विविध आयोजन का दौर भी जारी रहा। इधर अधिकांश घरों में भी भगवान भोलेनाथ की स्तुति पर कथाएं भी हुई। साथ ही मंदिरों में दिनभर बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए लोगों की कतार रही।
इस बीच युवतियों ने पर्व के अवसर पर कठिन व्रत रखकर मनोकामना पूर्ण के लिए पूजा-अर्चना की। उपवास के साथ भगवान भोलेनाथ की अलौलिक धार्मिक गाथाओं का पठन भी किया। उधर शिवनाथ नदी में बड़े पैमाने में भक्तों ने डुबकी लगाई। स्नान के बाद मंदिरों में पूजा कर परिवार की खुशहाली की कामना की। इधर महाशिवरात्रि पर्व को लेकर बाजार में बेलपत्री-धतूरे की खासी मांग रही। बाजार में भक्तों ने इसकी खरीददारी के बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना कर अर्पित किया।
ऐसी मान्यता है कि बेलपत्री-धतूरे से पूजा करने से मनचाही इच्छा पूरी होती है। धार्मिक रूप से इसका बेहद महत्व होता है। लोक गाथाओं में दोनों को भगवान शंकर की पसंद बताया जाता है। बाजार में दोनों की मांग को देखते दाम भी बढ़े रहे। लोगों ने इसके बाद भी दोनों की खरीददारी की। जिले में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर में कई प्रमुख स्थानों में मंडई-मेले का आयोजन किया गया। हर साल इस पर्व पर गांवों एवं पर्यटन स्थलों में मेले का आयोजन होता है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को ऐसे आयोजन लिए उपयुक्त माना जाता है। जिले के दूरदराज क्षेत्रों में आज हुए मेले में लोगों ने आनंद लिया। वहीं पुलिस विभाग की ओर से संबंधित थानों के अधीनस्थ स्थलों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।


