राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 11 जून। 8वीं वाहिनी छ.स. बल राजनांदगांव द्वारा रिफ्रेशर कोर्स में आए जवानों के लिए वित्त प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया।
मिली जानकारी के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक राजनांदगाव से आए अधिकारियों द्वारा देश की सेवा में समर्पित 8वीं वाहिनी छस बल राजनांदगांव में इकाई की कंपनियों से रिफ्रेशर कोर्स के लिए आए जवानों को वित्तीय सशक्तिकरण के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसके अंतर्गत बचत एवं निवेश योजना को लेकर जवानों को एसबीआई की सैलरी पैकेज, एसबीआई बचत खाता, सावधि जमा, पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और एनपीएस जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई। एसबीआई, वाईओएनओ एप से घर बैठे निवेश और आटो स्वीप सुविधा पर भी चर्चा हुई। एसआईपी के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इसमें कम वेतन में भी व्यवस्थित बचत और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा के संबंध में बताया गया।
इसके अलावा साइबर फ्रॉड से बचाव को लेकर बढ़ते डिजिटल ठगी के मामलों को देखते हुए ओटीपी, यूपीआई पिन, लिंक क्लिक फ्रॉड, फेक कॉल और फिशिंग ई-मेल से बचने के उपाय बताए गए। एसबीआई कभी फोन/मैसेज पर ओटीपी या पिन नहीं मांगता। इस मूल मंत्र पर जोर दिया गया। संदिग्ध लेनदेन की तुरंत रिपोर्टिंग के लिए 1930 नंबर पर डायल करने के लिए बताया गया।
कार्यशाला में एसबीआई के ब्रांच मैनेजर रजनीश सोनी एवं असिस्टेंट मैनेजर प्रियंका ने कहा कि जो जवान देश की रक्षा करते हैं, एसबीआई उनके सपनों और बचत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
वित्तीय जागरूकता ही साइबर ठगी का सबसे बड़ा हथियार है। कार्यक्रम इकाई की सेनानी नेहा पाण्डेय की उपस्थिति में पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत 2 दिवंगत जवानों के आश्रितों को बीमा राशि का चेक प्रदान किया गया। कार्यक्रम में नोडल अधिकारी सारिका वैद्य उप सेनानी एवं सहायक सेनानी एचके टोंडर एवं बीएल भोई भी उपस्थित थे। इस जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और इसे अत्यंत उपयोगी बताया।


