राजनांदगांव

मोंगरा जलाशय में पानी कम, नांदगांव को अब और सप्लाई नहीं
03-Jun-2026 4:30 PM
मोंगरा जलाशय में पानी कम, नांदगांव को अब और सप्लाई नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 3 जून।
कमजोर मानसून होने की अटकलों के बीच मोंगरा जलाशय भी पूरी तरह से सूखने की कगार पर पहुंच गया है। मोंगरा जलाशय में क्षमता से कम पानी होने के चलते अब राजनांदगांव को जरूरत पडऩे पर पानी की सप्लाई नहीं होगी।

जलाशय के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। न सिर्फ मोंगरा बैराज, बल्कि जिले के अलग-अलग 5 बांध-बैराज भी पूरी तरह से सूख गए हैं। मोंगरा बैराज में लगभग 25 फीसदी पानी रह गया है। इस स्थिति को डेड वाटर के रूप में माना जाता है। यानी यह पानी किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जा सकता। मोंगरा बैराज का पानी खत्म होने के बाद से पेयजल संकट गहराने की संभावना प्रबल हो गई है। शिवनाथ नदी में बने एनीकटों में फिलहाल अगले 15 दिनों तक के लिए पानी रिजर्व रखा गया है।
मोहारा एनीकट और मोखली  एनीकट में पानी स्टोरेज किया गया है। बताया जा रहा है कि अब बारिश होने के बाद ही बैराज से पानी छोडऩे पर विचार होगा। ‘छत्तीसगढ़’  से चर्चा करते मोंगरा बैराज के ईई भूपेन्द्र बावनखेड़े ने कहा कि डेड स्टोरेज लेवल की वजह से अब पानी छोडऩा संभव नहीं है। राजनांदगांव शहर और अन्य तटीय क्षेत्रों में बसे गांव के लिए निस्तारी और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी दिया जा चुका है। ईई के मुताबिक मानसून के सीजन में ही अब पानी का भराव होगा।

इस बीच भीषण गर्मी के चलते नदियों की स्थिति भी खराब है। शिवनाथ नदी के अलावा पैरी, सूखानाला जैसे अन्य महत्वपूर्ण नदियों में भी पानी एनीकटों में सुरक्षित रखा गया है। जबकि नदियों का अधिकांश हिस्सा सूखे की चपेट में आ गया है। गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले में मोंगरा बैराज, खातूटोला बैराज, घुमरिया बैराज, ढारा जलाशय और मटियामोती जलाशय से गर्मी में पानी की आपूर्ति होती है। इन बैराजों से ही रबी की फसलों के लिए पानी छोड़ा जाता है। गर्मी के 4 महीने के लिए बैराज राजनांदगांव समेत अन्य कस्बाई इलाकों को पेयजल हेतु पानी सप्लाई की जाती है। मोंगरा जलाशय में स्पष्ट तौर पर सूखे का असर दिख रहा है। जलाशय के तलहटी तक सूखे का मार पड़ गया है। बहरहाल तय समय पर मानसून की मेहरबानी नहीं होने से पेयजल की समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है।


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