राजनांदगांव
8वीं बटालियन में दिनभर सुरक्षाकर्मी और परिवार के सदस्यों ने उठाया शिविर का लाभ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 30 मई। पेंड्री स्थित 8वीं बटालियन में शुक्रवार को एक निजी मेडिकल टीम ने जवानों और परिवार के सदस्यों की सेहत को परखने के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया।
शिविर में सुरक्षाकर्मी और परिजनों ने विभिन्न जांच कर अपनी सेहत की मौजूदा स्थिति का पता लगाया। बटालियन के परिसर में स्थित मेडिकल यूनिट में कमांडेंट नेहा पांडे की मौजूदगी में दिनभर जवानों और उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच की गई। जिसमें शुगर, बीपी, हार्ट एवं अन्य शारीरिक बीमारियों के संबंध में जांच की गई। बटालियन के चिकित्सक डॉ. लव पांडे (बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) की उपस्थिति में शिविर में पहुंचे सभी जवान और उनके परिजनों की सेहत की जांच की गई।
बताया गया कि 125 से ज्यादा लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया। कमांडेंट श्रीमती पांडे की ओर से कुछ महीनों के अंतराल में स्वास्थ्य संबंधी शिविर लगाए जाने के स्पष्ट निर्देश है। इसी के चलते सभी की सेहत की जांच को प्राथमिकता के साथ शिविर लगाकर परखा जाता है। शिविर में कुछ लोगों को हायर सेंटर जाने की भी सलाह दी गई है, ताकि उनकी संभावित बीमारियों को जांच के बाद दुरूस्त किया जा सके। शिविर में उप सेनानी गंगा उपाध्याय तथा कंपनी कमांडर चंद्रहास गौतम का भी विशेष सहयोग रहा। उधर शिविर में रक्तदान भी किया गया। एक जानकारी के मुताबिक 20 से 25 लोगों ने रक्तदान कर अपनी समाज के प्रति भागीदारी को सुनिश्चित किया।
नक्सल क्षेत्रों में तैनात बटालियन के कैम्पों में भी शिविर
8वीं बटालियन के नक्सल क्षेत्रों में तैनात कैम्पों में भी जवानों की सेहत को परखने के लिए कमांडेंट द्वारा हाल ही में तारलागुड़ा और दंतेवाड़ा में भी स्वास्थ्य शिविर लगाकर चिकित्सकीय लाभ दिलाया। बताया जा रहा है कि जवानों की ओर से कमांडेंट को परिजनों के स्वास्थ्य जांच हेतु भी शिविर लगाने के लिए आग्रह किया गया था। एक जानकारी के मुताबिक कमांडेंट ने इस मांग को तुरंत मूर्तरूप देते हुए बटालियन के मुख्यालय राजनंादगांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर परिजनों को लाभ पहुंचाया गया। इस बीच दुरूस्त इलाकों में पदस्थ जवानों को सेहत संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए चिकित्सकों की ओर से आवश्यक सुझाव भी दिए जा रहे हैं। विशेषकर गर्मी के दिनों में एहतियात बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही रसीले फल और ज्यादा मात्रा में पानी पीने पर भी जोर दिया गया है। शिविर की सफलता से चिकित्सक और बटालियन प्रबंधन काफी उत्साहित हैं।


