राजनांदगांव

3 लाख की ठगी, दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार
27-May-2026 7:05 PM
3 लाख की ठगी, दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार

 इंस्टाग्राम में दोस्ती कर प्रार्थी को फंसाया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 27 मई।
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर बीमारी का झांसा देकर 3 लाख रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।  आरोपियों द्वारा अपने आपको ब्लड कैंसर, माईग्रेन व अन्य बीमारी से ग्रसित होना बताकर प्रार्थी से छलपूर्वक  धोखाधड़ी की गई थी। भावनात्मक बातों में फंसाकर प्रार्थी से अलग-अलग किस्तों में 3 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त 3 नग मोबाइल फोन जब्त किया। वहीं आरोपियों को गिरफ्तार कर  न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। न्यायालय से जेल वारंट प्राप्त होने के उपरांत जेल दाखिल किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसकी पहचान माह अप्रैल 2024 में इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी मोनू कुमार चिरावतकर, कविता उर्फ  दामिनी तथा सोनल उर्फ  बबीता से हुई थी। पहचान बढऩे के बाद आरोपीगण द्वारा प्रार्थी से मोबाइल के माध्यम से लगातार बातचीत की जाने लगी। बातचीत के दौरान आरोपीगण द्वारा स्वयं को ब्लड कैंसर, माईग्रेन एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीडि़त  होना तथा परिवार द्वारा प्रताडि़त किया जाना बताया गया। आरोपीगण द्वारा कभी मां एवं बहन को पैसे देने, तो कभी राशन एवं इलाज के नाम पर प्रार्थी से रकम की मांग की जाती रही।

प्रार्थी आरोपीगण की झूठी एवं भावनात्मक बातों में आकर अलग-अलग किस्तों  में कुल 3 लाख रुपए  ऑनलाइन ट्रांसफर कर चुका था। बाद में स्वयं के साथ धोखाधड़ी होने की जानकारी मिलने पर जब प्रार्थी द्वारा अपनी रकम वापस मांगी गई, तब आरोपीगण द्वारा उसे झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 244/2026 धारा 318(4),  308, 351(2),  3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
 निरीक्षक एमन साहू थाना प्रभारी बसंतपुर के नेतृत्व में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर आरोपीगण के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। आरोपी मोनू कुमार चिरावतकर, कविता उर्फ  दामिनी तथा सोनल उर्फ  बबीता को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 3 नग मोबाइल फोन जब्त कर विधिवत गिरफ्तार किया गया तथा न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय पेश किया गया। जेल वारंट प्राप्त होने उपरांत आरोपीगण को जेल दाखिल किया गया।


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