राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 27 मई। ईश्वर के प्रति अद्वितीय प्रेम, समर्पण एवं त्याग की भावना का प्रतीक मुस्लिम धर्मावलंबियों का प्रमुख पर्व ईद-उल-अजहा जिसे ईदुज्जुआ या बकरीद भी कहते हैं। नगर में परंपरागत, श्रद्धा एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाई जाएगी।
शहर के सभी मस्जिदों के मुतवल्ली साहबान द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार खराब मौसम के कारण ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज मठपारा स्थित ईदगाह में सुबह 8 बजे अदा की जाएगी, जहां जामा मस्जिद के पेश ईमाम नमाज के पूर्व ईदुज्जुहा पर्व की पृष्ठभूमि, विशेषता एवं महत्व पर प्रकाश डालेंगे। नमाज के पश्चात शहर एवं मुल्क की तरक्की, खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगी जाएगी। शहर के मुस्लिम धर्मावलंबी अपने-अपने मोहल्लों के पास स्थित मस्जिदों में इक_ा होकर ईद की सामुहिक नमाज अदा कर एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद पेश करेंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी हाजी हलीम बख्श गाजी ने बताया कि एकेश्वरवाद ईस्लाम का सर्वप्रथम सिद्धांत है। ईश्वर-अल्लाह एक है। अल्लाह ही सर्वशक्तिमान है और उसकी इच्छा से ही सारी सृष्टि की व्यवस्था चलती है। अल्लाह द्वारा भेजे गए सबसे पहले पैगम्बर हजरत आदम अलैहिस्सलाम थे। अंतिम पैगम्बर हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.) है। पैगम्बर हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.) से पूर्व अरब से की धरती पर पैगम्बर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने जन्म लिया, जिन्होंने अरब की जनता की तन-मन-धन से सेवा की तथा अरब की जनता से कहा कि अल्लाह एक है, अल्लाह की उपासना करो।
ईद-उल-अजहा का पर्व हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की उस बेमिशाल ईसार और कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। उन्होंने ही मक्का में काबे शरीफ की नींव रखी। इस अवसर पर दुनियाभर के मुसलमान पवित्र मक्का पहुंचकर खान-ए-काबा का तवाफ करत हैं और इस्लाम धर्म के पांचवे स्तंभ हज का फर्ज अदा करते हैं।
ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर शहर की सभी मस्जिदों के मुतवल्ली साहेबान के साथ ही समाजसेवी बहादुर अली, सुल्तान अली, हाजी रईस अहमद शकील, अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष हफीज खान, पूर्व राज्य मंत्री अकरम कुरैशी, समाजसेवी एवं अधिवक्ता हाजी हलीम बख्श गाजी, प्रदेश इंका महामंत्री शाहिद भाई, आसिफ अली, रज्जाक बडग़ुजर, डॉ. आफताब आलम, जलालुद्दीन निर्वाण, जावेद अंसारी, मो. फारूख, जनाब अय्यूब भाई, मो. सईद खान, रहीम मेमन आदि ने मुस्लिम भाईयों एवं नगरवासियों को ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद पेश करते भाईचारे के साथ मनाने की अपील की।


