राजनांदगांव

जैन साध्वियों के हादसे से मौत पर जैन समाज उद्वेलित
26-May-2026 4:11 PM
जैन साध्वियों के हादसे से मौत पर जैन समाज उद्वेलित

रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 मई।
जैन समाज द्वारा 25 मई को 11 बजे मोटर साइकिल रैली निकालकर भारत के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
दिगंबर जैन पंचायत के सचिव सूर्यकांत जैन ने बताया कि विगत 20 मई को मध्यप्रदेश के रीवा शहर में दिगंबर जैन पंथ की आचार्य विद्यासागर महाराज से दीक्षित दो साध्वी जिनकी संयम तप की दीक्षा को 20 वर्ष हो चुके थे, ऐसी अहिंसक निधि को सडक़ हादसे में हमने खो दिया। उन्होंने बताया कि दोनों त्याग मूर्ति साध्वी की विनयांजलि सभा राजनांदगांव में विराजमान पूज्य मुनी श्री नीरज सागर महाराज एवं पूज्य मुनीश्री निर्मद सागर महाराज के सानिध्य में 24 मई को सुबह 8.30 बजे आयोजित कर शासन को ज्ञापन देने की बात तय की गई। तथ्यों के अनुसार वीडियो फुटेज में जिस तरह वाहन चालक द्वारा सडक़ के किनारे सर्विस रोड पर पूज्य 105 श्रुतिमति माताजी एवं पूज्य 105 उपशममती माताजी सुबह 6 बजे नित्य क्रिया हेतु जा रही थी, उसी समय एक गाड़ी अल्टो द्वारा इरादतन हत्या के इरादे से घटना को अंजाम देना प्रतीत होता है। जैन समाज चाहता है कि उक्त घटना की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी व्यक्तियों को कठोर सजा की मांग जैन समाज करती है।
रैली सकल जैन संघ की उपस्थिति में दिगंबर जैन मंदिर गंज लाइन से निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची एवं रास्तेभर जैन समाज के लोगों ने न्याय की मांग एवं साधु संतों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ सुरक्षा सम्मान की मांग हेतु तख्तियां पकडक़र नारे लगाते  रहे।

रैली में दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष अशोक झंझरी ने शासन से मांग की है कि जैन साधु विश्व कल्याण की भावना से पैदल नंगे पैर विचरण करते हैं ऐसी अहिंसक भावना रखने वाले साधु संतों की रक्षा हेतु शासन को व्यवस्था में सुधार लाने की जरूरत है। यह संत हमारे भारत की अमूल्य निधि है। सकल जैन समाज के अजय सिंघी ने कहा कि भविष्य में मुनिराजों, माताजी  एवं किसी भी साधु संतों की हत्या, प्रताडऩा की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए संतों की सुरक्षा के कड़े कानून बने।
उक्त रैली में दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष अशोक झंझरी, सचिव सूर्यकांत जैन, कोषाध्यक्ष सुदेश जैन, उपाध्यक्ष अनिल बडक़ुल, पंकज जैन, पूनम जैन, रविकांत जैन, मनोज वेद, रोशन गोलछा, मूलचंद भंसाली, नमिताब जैन, अखिलेश जैन, रानू जैन, सुशील छाजेड़, राजेंद्र सुराणा, शरद जैन, दीपक कोठारी, ज्ञानचंद नौलखा, कमलेश बेद, नवीन कोठारी, विजय काकरिया, विजय गोलछा, महावीर सकलेचा, निखिल जैन, राजीव जैन, सुनील जैन, मुकेश जैन, प्रिऐश जैन, प्रियंक जैन, संयम जैन, नितिन जैन, राहुल जैन , प्रकाशचंद जैन, नरेश जैन, अंशुल जैन सहित बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के सदस्यगण शामिल रहे । सभी ने शासन प्रशासन से मांग की है कि साधु संतों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनना चाहिए नहीं तो जैन समाज अपने संतों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
 


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