राजनांदगांव
66 केंद्रों और 3 जोन में लगाए जा रहे विशेष शिविर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 21 अप्रैल। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राजनांदगांव क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में बिजली बिलों के बोझ से दबे नागरिकों को राहत देने वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
इस योजना के माध्यम से इन चार जिलों के लगभग 17 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इसमें सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के बीपीएल, घरेलू और कृषक श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक मूल बकाया राशि और अधिभार में कुल 12 करोड़ 20 लाख 26 हजार रुपए की भारी छूट प्रदान की गई है। समाधान योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल, निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने संभाग के 66 वितरण केंद्रों एवं 03 जोन में विशेष समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। विभाग की टीमें न केवल केंद्रों पर मौजूद हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता और छूट की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जागरूक कर रही है। विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पात्र उपभोक्ताओं को इस योजना के दायरे में लाना है।
श्री सेलट ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि ऐसे बीपीएल घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ता जो 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिलों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं, वे इस अवसर को न चूकें। उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें।


