राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 21 अप्रैल। महापौर मधुसूदन यादव की अध्यक्षता में महापौर परिषद की बैठक निगम स्थित महापौर कक्ष में संपन्न हुई। बैठक में सम्पत्तिकर की वृद्धित दर की समीक्षा कर कम करने तथा महिला सशक्तिकरण हेतु अल्पकालीन जनजागरूकता अभियान की अनुशंसा कर सामान्यसभा को भेजा गया। साथ ही नगर निगम के अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा उपरांत निर्णय लिया गया।ं
महापौर ने बताया कि वर्षों से सम्पत्तिकर की दर में वृद्धि नहीं हुई थी। निगम की माली हालत को देखते वित्तीय वर्ष 2026-27 के सम्पत्तिकर में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाइन अनुसार दरों में संशोधन अनुसार सम्पत्तिकर का निर्धारण किया गया। जिससे सम्पत्तिकर की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में वृद्धित दर गत वित्तीय वर्ष की तुलना में दुगनी हो रही थी। जिसकी करदाताओं ने जानकारी दी। संज्ञान में आते ही पुनर्विचार करने महापौर परिषद की सोमवार को बैठक आहुत की गई। बैठक में दरों में संशोधन कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में खुली भूमि एवं आवासीय सम्पत्ति पर दर 10 प्रतिशत एवं व्यवसायिक/औद्योगिक सम्पत्ति पर सम्पत्तिकर 20 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने का सामान्यसभा की प्रत्याशा में निर्णय लिया गया। जिससे करदाताओं को राहत मिलने के साथ-साथ निगम के आय में भी थोड़ी वृद्धि होगी।
महापौर ने बताया कि इसी प्रकार नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेशानुसार महिला सशक्तिकरण हेतु अल्पकालिक जागरूकता अभियान के आयोजन एवं समन्वय जिससे शासन की योजना को महिलाओं तक पहुंचाने हेतु अनुशंसा कर सामान्य सभा को अग्रेषित किया गया।
इसके अलावा राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनांतर्गत पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि भुगतान किए जाने की स्वीकृति तथा लोकसेवा केन्द्र से प्राप्त सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र आवेदनों की अनुशंसा सहित ठेका पद्धति से श्रमिक रखने एवं निगम स्वामित्व के दुकानों की लीज अवधि में वृद्धि संबंधी विषयों पर निर्णय लिया गया।
बैठक में सुनील साहू, राजेश जैन रानू, बिना धु्रव, साावन वर्मा, शैंकी बग्गा, केवरा विजय राय, वर्षा शरद सिन्हा, राजा माखीजा, आलोक श्रोती, डीलेश्वर प्रसाद साहू, टोपेन्द्र सिंह, यूके रामटेके, गरिमा वर्मा, सुषमा साहू, राजेश मिश्रा, नारायण यादव सहित निगम के अधिकारी उपस्थित थे।


