राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 मार्च। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विपिन यादव ने प्रदेश में प्रस्तावित 5000 शिक्षकों की भर्ती परीक्षा को अक्टूबर/नवंबर में आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताते कहा है कि जब स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, तब परीक्षा को इतने लंबे समय तक टालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब भर्ती करनी ही है तो विलंब करने का कोई अर्थ नहीं है। यह निर्णय छात्रों के हित में नहीं है। सरकार को शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा घोषित संभावित तिथियां शिक्षा व्यवस्था की तात्कालिक आवश्यकता के अनुरूप नहीं है। यदि परीक्षा अक्टूबर और नवंबर में आयोजित की जाएगी तो नियुक्ति प्रक्रिया और आगे खिसक जाएगी। जिससे नए शिक्षा सत्र में भी स्कूलों को शिक्षकों का इंतजार करना पड़ेगा। यह स्थिति विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय के समान है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पूरे छत्तीसगढ़ में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में हजारों पद रिक्त हैं। कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूल एक.दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। ऐसे हालात में सरकार को प्राथमिकता के आधार पर भर्ती परीक्षा मई-जून तक सम्पन्न करानी चाहिए और परिणाम शीघ्र जारी कर नियुक्ति आदेश देना चाहिए।
विपिन ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन जुलाई से पूर्व पूर्ण किया जाए, ताकि नए शिक्षा सत्र 2026-27 में शिक्षक समय पर पदस्थ हो सकें। उन्होंने कहा कि घोषणा नहीं, बल्कि समय पर नियुक्ति ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करेगी और तभी स्कूलों और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वास्तविक लाभ मिल पाएगा।


