राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 19 फरवरी। चांद का दीदार होने के साथ ही पाक महीना रमजान शुरू हो गया है। खुदा की इबादत के लिए मुस्लिम धर्मावलंबियों ने आज पहला रोजा रखकर अगले एक माह तक अल्लाह की शान में पांच वक्त का नमाज पढऩे का सिलसिला शुरू किया।
करीब 30 दिनों तक रमजान के महीने में रोजे रखकर मुस्लिम धर्मावलंबी अल्लाह से बरकत के लिए दुआएं करेंगे। माह-ए-रमजान को अल्लाह की रहमत मगफिरत और बरकतों का पैगाम का महीना भी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी महीने में कुरान नाजिल हुआ था। इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना रमजान हर मुसलमान के लिए खास महत्व रखता है। यही कारण है कि इसे रहमत और हिदायत का महीना भी माना जाता है। इस बीच 18 फरवरी यानी बुधवार को चांद की तस्दीक होने के बाद आज से रोजा का सिलसिला शुरू हो गया।
मस्जिदों में विशेष नमाज के अलावा धार्मिक कार्यक्रम भी होंगे। समाज के वरिष्ठ नागरिकों ने रोजा की अहमियत को समझाते हुए सामाजिक संदेश दिया है कि अल्लाह की इबादत और असीम बरकतों के साथ-साथ इंसानियत की भलाई के लिए भी इस महीने का खास महत्व है। इस बीच शहर के जामा मस्जिद, हन्फी मस्जिद, मोती मस्जिद और गौरीनगर समेत आसपास के मस्जिदों को कृत्रिम रौशनी से खूबसूरत बनाया गया है। आज सुबह से ही मस्जिदों में नमाज के लिए रोजेदारों का हुजूम उमड़ पड़ा। बताया जाता है कि मस्जिदों के सदरों की ओर से समाज के प्रत्येक युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य लोगों से रोजा रखकर खुदा की इबादत करने की अपील की है। रोजा खत्म होने के बाद घरों में सामूहिक रूप से इफ्तार भी होंगे। इफ्तार में रोजेदारों के पसंदीदा खानपान, मेवा-मिष्ठान से लेकर अन्य व्यंजन परोसे जाएंगे।
जामा मस्जिद अध्यक्ष अहमद ने दी मुबारकबाद
जामा मस्जिद मुस्लिम समाज के अध्यक्ष हाजी रईस अहमद शकील ने मुबारकबाद देते कहा कि रमजान का महीना रहमतों और बरकतों का महीना माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह पाक महीना अल्लाह की रहमत, मगफिरत और बरकतों का पैगाम लाने से भी जुड़ा हुआ है। यह वह महीना है। जिसमें कुरान नाजिल हुआ था। उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला आप सबके रोजे कबूल फरमाएंगे। इस रमजान में हम सभी नेकी की राह पर चलकर एक-दूसरे की मदद करें और आपसी भाईचारे की मिसाल कायम करें। उन्होंने कहा कि रमजान का पवित्र महीना अल्लाह की इबादत और आत्मसंयम का संदेश लेकर आता हैं। इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना रमजान हर मुसलमान के लिए विशेष महत्व रखता है। यह महीना इबादत, सब्र, आत्म संयम और इंसानियत की सेवा का संदेश देता है।


